
Seized truck
बिश्रामपुर. बिना बिल के ही 840 बोरी सीमेंट परिवहन करते हुए 2 ट्रकों को जयनगर पुलिस ने जब्त कर लिया। चालक व वाहन स्वामी द्वारा सीमेंट से संबंधित कागजात नहीं दिखा पाने के कारण पुलिस द्वारा जांच के बाद कार्रवाई की गई। जब्त सीमेंट 1 लाख 55 हजार 398 रुपए की है।
मामले में पुलिस ने वाहन स्वामी व अंबिकापुर के अजय ट्रेडर्स के संचालक के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर दोनों चालकों को गिरफ्तार कर लिया है। सीमेंट के अवैध परिवहन का गोरखधंधा लंबे समय से चल रहा था।
सूरजपुर जिले की जयनगर पुलिस ने बताया कि 18 अक्टूबर को रेलवे स्टेशन बिश्रामपुर के रैक प्वाइंट से अजय ट्रेडर्स के गोदाम से ट्रक क्रमांक सीजी 04जेडी-6550 व सीजी 04 जेडी-7605 कुल 840 बोरी कोणार्क सीमेंट लोड कर निकले। दोनों ट्रकों को एनएच पर पहुंचते ही पकड़ लिया गया।
पुलिस ने जब दोनों ट्रक के चालक संतोष मेहता व सनत कुमार राम से लोड सीमेंट का बिल व अन्य कागजात मांगा तो वे बगले झांकने लगे। इस पर संदेह के आधार पर पुलिस ने ट्रकों को थाने लाकर जांच शुरू की। पुलिस ने जांच में पाया कि 840 बोरी सीमेंट जिसकी कीमत 1 लाख 55 हजार ३९८ रुपए है, ये ओडिशा के रजगंगापुर स्थित ओसीएल सीमेंट फैक्ट्री से कोरिया जिले के मनेंद्रगढ़ के लिए आई थी।
लेकिन अजय ट्रेडर्स के संचालक ने रैक प्वाइंट पर पूरे सीमेंट को अपने गोदाम में खाली करा लिया। फिर सीमेंट को ट्रकों के माध्यम से झारखंड के छतरपुर में खपाने के लिए ले जाया जा रहा था। पुलिस ने जांच में पाया कि अजय ट्रेडर्स के संचालक द्वारा महामाया टे्रड के नाम से बिना बिल के चालान काटकर अवैध तरीके से सीमेंट को भेजा जा रहा था।
जयनगर टीआई तेजनाथ सिंह ने बताया कि जब कोणार्क ब्राण्ड सीमेंट का बिल मांगा गया तो परिवहनकर्ता अजय टे्रडर्स के संचालक ने डालमिया कंपनी का बिल प्रस्तुत किया, जिससे फर्जीवाड़ा उजागर हो गया। टीआई ने बताया कि दोनों ट्रक चालकों को गिरफ्तार कर वाहन स्वामी व अजय ट्रेडर्स के संचालक अजय अग्रवाल के खिलाफ धारा 407, 406 व 420 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
लंबे समय से चल रहा था खेल
टीआई ने बताया कि जब्त वाहन रायपुर के हैं। उन्होंने बताया कि सीमेंट का गोरखधंधा किए जाने की शिकायत लंबे समय से मिल रही थी। वहीं इस संबंध में अजय ट्रेडर्स के संचालक ने बताया कि ओसीएल द्वारा डालमिया व कोणार्क दोनों ब्रांड के सीमेंट का उत्पादन किया जाता है, इसमें अवैध परिवहन की बात पूर्णत: गलत है।
वहीं पुलिस का कहना है कि कोणार्क ब्राण्ड के सीमेंट की प्रति बोरी का दर शासन द्वारा 140 रुपए 53 पैसे तय किया गया है जो निजी उपयोग में काम आता है। इसे बेचना प्रतिबंधित है पंरतु इसके विपरीत सीमेंट से जुड़े व्यवसायी 310 रुपए प्रति बोरी खुले बाजार में खपाकर मोटी कमाई कर रहे हैं। ये खेल लंबे समय से चल रहा है।
Published on:
21 Oct 2017 09:35 pm
