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कुंडला City में पहुंची निगम की फौज तो मच गया हड़कंप

निगम आयुक्त व कलक्टर को हाईकोर्ट द्वारा अवमानना प्रकरण में मिली थी नोटिस, कुछ भवनों को लेकर चला आ रहा है विवाद
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Nigam team in Kundla city

अंबिकापुर. उच्च न्यायालय द्वारा कुंडला सिटी के संबंध में 3 दिन पूर्व ही निगम आयुक्त व कलक्टर के खिलाफ अवमानना प्रकरण में नोटिस जारी किए जाने के बाद बुधवार को निगम अमला एक्शन में नजर आया। बुधवार को टाउन एण्ड कंट्री प्लानिंग व निगम के लंबी चौड़ी फौज ने कुंडला सिटी पहुंच ऐसे भवनों को चिन्हांकित करने की कार्रवाई की जो नियमानुसार निर्धारित समय के बाद निर्मित किए गए थे। इस मामले में कोई भी अधिकारी कुछ भी कहने को तैयार नहीं है।


कुंडला सिटी के कुछ भवनों के निर्माण को लेकर काफी दिनों से विवाद चला आ रहा है। कुंडला सिटी में भवन निर्माण हेतु वर्ष 2008 तक का समय निर्धारित किया गया था। लेकिन समय बीतने के बाद संबंधित बिल्डर द्वारा निर्माण के लिए पुन: अनुमति नहीं ली गई थी।

इस आधार पर शासन द्वारा कुंडला सिटी में बने ऐसे मकानों को अवैध मानते हुए उन्हें तोडऩे के आदेश जारी किए थे। निगम द्वारा शासन के आदेश के बाद कई नोटिस लोगों को दिए गए। निगम से नोटिस मिलने के बाद काफी लोगों ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी।

मामले में कुछ दिनों पूर्व कलक्टर व निगम आयुक्त को व्यक्तिगत तौर पर अनुपस्थित रहने की वजह से कोर्ट ने वारंट जारी किया था। इसके बाद बुधवार को निगम के अधिकारियों के साथ टाउन एण्ड कंट्री प्लानिंग के अधिकारी कुंडला सिटी पहुंच ऐसे मकानों को चिन्हांकित कर सर्वें रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की।

अचानक कुंडला सिटी में 20 से अधिक कर्मचारी व अधिकारियों को देख वहां रहने वालों में हडकंप मच गया। सब एक-दूसरे से यही पूछते नजर आए कि इतना बड़ा अमला यहां क्या करने आया है। लेकिन यह कार्रवाई क्यो की जा रही है। इस संबंध में कोई भी अधिकारी कुछ बताने को तैयार नहीं है।


तैयार की गई है 121 लोगों की सूची
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार निगम द्वारा पंजीयक कार्यालय से कुंडला में हुए अभी तक सभी पंजीयन के दस्तावेजों को खंगालने कें बाद 121 लोगों की सूची तैयार की गई है। काफी पंजीकृत दस्तावेजों में रजिस्ट्री के दौरान खुली भूमि दिखाया गया है, जो वर्ष 2008 के बाद के हैं, ऐसे भवनों को अवैध मानते हुए आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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