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Video- महाकाल की प्राण-प्रतिष्ठा के लिए महिलाओं व युवतियों ने सिर पर कलश लेकर निकाली भव्य यात्रा

गायत्री शक्तिपीठ द्वारा मंदिर परिसर से निकली कलश यात्रा ने शहर का किया भ्रमण, 3 दिवसीय है आयोजन

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Kalash procession

Kalash procession

अंबिकापुर. गायत्री शक्तिपीठ द्वारा महाकाल की प्राण-प्रतिष्ठा का 3 दिवसीय आयोजन आकाशवाणी चौक स्थित गायत्री मंदिर परिसर में किया गया है। प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के पहले दिन सोमवार को गायत्री शक्तिपीठ द्वारा शहर में भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा में काफी संख्या में महिलाओं व युवतियों ने हिस्सा लिया। कलश यात्रा गायत्री मंदिर परिसर से निकलकर शहर भ्रमण करते हुए वापस मंदिर परिसर में समाप्त हुई।

कलश यात्रा के दौरान उनके हाथों में लोगों को जागरुक करने नशा उन्मूलन एवं सात्विक जीवन अपनाने संबंधी संदेश लिखे पोस्टर थे। प्राण-प्रतिष्ठा का यह कार्यक्रम देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार के प्रति कुलपति डॉ. चिन्मय पंडया के सानिध्य में होगा।

महाकाल की प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के प्रथम दिन सोमवार को दिन में ३ बजे भव्य कलश यात्रा गायत्री शक्ति पीठ से निकाली गई। कलश यात्रा आकाशवाणी चौक, जोड़ा पीपल, थाना चौक, महामाया चौक, संगम चौक, घड़ी चौक होते हुए गायत्री शक्ति पीठ पहुंची। कलश यात्रा के प्रारम्भ में सजे वाहन पर तीन किशोरियों को बिठाया गया था। इसमें २ बालिकाएं कलश धारण की हुईं तथा तीसरी बालिका के हाथों में धर्म प्रकाश की पुस्तक थी।

कलश यात्रा के दौरान महिलाएं व युवतियां सिर पर कलश धारण किए हुए थीं। महिलाओं के हाथ में नशा उन्मूलन एवं सात्विक जीवन अपनाने के संदेश लिखे पोस्टर थे। कलश यात्रा में शामिल महिलाएं-युवतियां व पुरुष लोगों का आह्वान करते हुए स्वस्थ जीवन जीने व शाकाहार के लिए प्रेरित कर रहे थे।

कलश यात्रा के दौरान आध्यात्मिक गीता से भक्तिमय वातावरण बना रहा। शाम को गायत्री मंदिर में संगीत प्रवचन का कार्यक्रम हुआ। कलश यात्रा में मुख्य रूप से शशि सिंह, अमृता जायसवाल, मीना सिंह, सुधा तिवारी, पूनम जायसवाल, नंदकिशोर गोस्वामी, अंबुज यादव, लक्ष्मी सिंह, सुनीला सिंह सहित काफी संख्या में गायत्री परिवार के महिला-पुरुष शामिल थे।


मंगलवार को होंगे ये कार्यक्रम
मंगलवार को महाकाल की प्राण-प्रतिष्ठा के साथ ही महायज्ञ, कार्यकर्ता सम्मेलन, संगोष्ठी, प्रज्ञा संगीत, दीप महायज्ञ होगा। बुधवार को महाकाल की आरती के बाद पूर्णाहूति होगी।







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