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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने निकाली रैली, मांगें पूरी नहीं होने पर सरकार के खिलाफ कह दी इतनी बड़ी बात

शहर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की निकली विशाल रैली, मांगों के संबंध में कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन
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अंबिकापुर

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Ram Prawesh Vishwakarma

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Updated: 6 Aug 2018, 7:13 PM IST

Anganwadi workers protest

Anganwadi workers

अंबिकापुर. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मानदेय वृद्धि समेत अन्य मांगों को लेकर काफी दिनों से आवाज उठा रही हैं। सोमवार को सरगुजा संभाग की सैकड़ों कार्यकर्ता अंबिकापुर स्थित एसबीआई कलक्टोरेट शाखा के सामने एकजुट हुई। उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में पदर्शन किया।

इसके बाद उन्होंने शहर में विशाल रैली निकालकर कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा। आंबा कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की जाती हैं तो वे सरकार के विरोध में अभियान चलाएंगे। उन्होंने कहा कि वे भाजपा को वोट नहीं देने की अपील भी लोगों से करेंगे।


छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संघ के बैनर तले संभागीय मुख्यालय अंबिकापुर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सोमवार को धरना प्रदर्शन किया। इसमें सरगुजा, जशपुर, कोरिया, सूरजपुर व बलरामपुर जिले की सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुईं। सबसे पहले उन्होंने एसबीआई कलक्टोरेट शाखा के सामने धरना दिया और मानदेय वृद्धि समेत अन्य मांगें दोहराईं।

इसके बाद उन्होंने शहर में विशाल रैली निकाली। रैली देवीगंज रोड, संगम चौक महामाया चौक होते हुए कमिश्रर कार्यालय पहुंची। यहां उन्होंने मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री के नाम अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस दौरान उन्होंने दिल्ली समेत अन्य राज्यों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के हक में किए गए फैसले का भी जिक्र किया है।

विरोध प्रदर्शन में प्रांताध्यक्ष सरिता पाठक, प्रांतीय संयोजक देवेंद्र पटेल, संभागीय संयोजक बिलासपुर चंद्रशेखर पांडेय, कोरिया जिलाध्यक्ष शकुंतला चक्रवर्ती, जशपुर जिलाध्यक्ष यशोमति, बलरामपुर जिलाध्यक्ष प्रमिला गुप्ता व सुचित्रा गुप्ता समेत अन्य पदाधिकारी भी शामिल हुईं।


मांगों पर ध्यान नहीं दे रही सरकार
धरना प्रदर्शन में संघ की प्रांताध्यक्ष सरिता पाठक ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं-सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि के लिए समय-समय पर शासन-प्रशासन को ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया जाता रहा है लेकिन अब तक सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया।

उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2018 में शासन द्वारा कार्यकर्ता के अतिरिक्त मानदेय में 1000 और सहायिका के मानदेय में 500 रुपए की वृद्धि की गई थी। इसी के साथ सेवा निवृत्ति पर कार्यकर्ताओं को 50 हजार व सहायिकाओं को 25 हजार रुपए एक मुश्त भुगतान की घोषणा की गई थी, परंतु अब तक इन घोषणाओं पर अमल नही हो सका है।


काफी कम है हमारा मानदेय
प्रांताध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में कार्यरत अन्य संवर्ग जैसे शिक्षाकर्मी के पारिश्रमिक में जो वृद्धि की गई है उसकी तुलना में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं-सहायिकाओं को बेहद कम मानदेय दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश के साथ-साथ अन्य कई प्रदेश हरियाणा, दिल्ली, तमिलनाडू सरकार द्वारा भी वित्तीय वर्ष 2018 में वहां कार्यरत बहनों के अतिरिक्त मानदेय में वृद्धि की गई, जो छत्तीसगढ़ की तुलना में काफी ज्यादा है।


करेंगे अनिश्चितकालीन हड़ताल
प्रांताध्यक्ष ने कहा कि सरकार मानदेय में वृद्धि सहित अन्य मांगों पर तत्काल विचार करे अन्यथा 13 अगस्त को दुर्ग संभाग व 17 अगस्त को बस्तर संभाग के बाद 23 अगस्त को रायपुर में पुन: प्रांतीय रैली निकाली जाएगी।

अगर सरकार हमारी मांगें नहीं मानती है तो सितंबर माह से सभी आंबा कार्यकर्ता-सहायिका अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चली जाएंगीं। इसके साथ ही उन्होंने आंबा कार्यकर्ताओं-सहायिकाओं से कहा कि वे एक जुट हो जाएं और अपनी मांगों के समर्थन में आंदोलन करें।


वोट नहीं करने की करेंगे अपील
धरना प्रदर्शन में प्रांताध्यक्ष ने कहा कि सरकार हमारी मांगें नहीं मानती है तो हम उसके खिलाफ अभियान चलाएंगे। भाजपा को हम वोट नहीं देंगे तथा घर-घर जाकर लोगों से भी भाजपा के पक्ष में वोट नहीं करने की अपील करेंगे।