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भालू और उसके 2 शावकों के हमले से बचने मारने लगा मुक्का, फिर भी नहीं छोड़ा तो किया ये

जंगल में मवेशी चराने के दौरान अचानक भालुओं ने किया हमला, मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा इलाज
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अंबिकापुर

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Ram Prawesh Vishwakarma

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Updated: 9 Jul 2018, 5:56 PM IST

Bears

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अंबिकापुर. सरगुजा संभाग में हाथी व भालुओं का आतंक है। हाथी जहां ग्रामीणों की जान लेने के साथ ही उनके घर क्षतिग्रस्त कर रहे है, वहीं भालू भी हमला कर उन्हें घायल कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला उदयपुर के डांडग़ांव क्षेत्र से प्रकाश में आया है। रविवार की दोपहर गांव से लगे जंगल में मवेशी चराने गए ग्रामीण पर भालू तथा उसके 2 शावकों ने हमला कर दिया।

भालुओं से अपनी जान बचाने ग्रामीण को कोई उपाय नहीं सूझा तो उसने उन पर मुक्के से प्रहार करना शुरु कर दिया। इसके बाद भी भालुओं ने उसे नहीं छोड़ा तो उसने शोर मचाना शुरु कर दिया। आवाज सुनकर ग्रामीणों ने उसकी जान बचा ली। ग्रामीण का इलाज फिलहाल मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है।

उदयपुर विकासखंड के ग्राम डांडग़ांव, सलका निवासी जदन गोंड़ पिता पवन साय 45 वर्ष रविवार की दोपहर अपने मवेशियों को चराने गांव से लगे जंगल में गया था। इसी बीच करीब 2 बजे अचानक मादा भालू व उसके दो शावक वहां पहुंचे और ग्रामीण पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से ग्रामीण संभल नहीं पाया।

इस बीच भालुओं ने उसे अपने पैने नाखूनों से नोंचना शुरु कर दिया। जान बचाने के लिए ग्रामीण ने भालुओं पर मुक्के से प्रहार करना शुरु कर दिया। भालु इसके बाद भी हमले करते रहे तो उसने शोर मचाना ही उचित समझा। आवाज सुनकर गांव के लोग दौड़कर वहां पहुंचे। इसी बीच ग्रामीणों को आता देख मादा भालू व उसके शावक जंगल में भाग गए।

इसके बाद ग्रामीण को लहूलुहान हालत में उदयपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। यहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उसे लेकर अंबिकापुर पहुंचे तथा भर्ती कराया। यहां ग्रामीण का इलाज जारी है। उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।


पहुंची वन विभाग की टीम
भालुओं के हमले में ग्रामीण के घायल होने की खबर सुनकर वन विभाग की टीम भी उदयपुर अस्पताल पहुंची थी। उन्होंने घायल का हाल-चाल जाना तथा ग्रामीणों को जंगल की ओर नहीं जाने की सलाह दी।

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