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Breaking News : 2 गोली लगने के बाद बेहोश हुआ भारी-भरकम भालू, 8 घंटे तक चला रेस्क्यू

प्रशासन-पुलिस व फॉरेस्ट की टीम ने ली राहत की सांस, जंगल से सुबह शहर के वार्ड क्रमांक-10 स्थित एक घर की बाड़ी में घुस गया था भालू

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bear caught

Bear caught

अंबिकापुर. शहर के वार्ड क्रमांक 10 के धोबीपारा में सुबह भालू के घुस आने से हड़कंप मच गया था। भालू एक व्यक्ति के घर की बाड़ी की झाडिय़ों में दिनभर छिपकर बैठा रहा। सूचना पर प्रशासन-पुुलिस व वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौके पर पहुंचे। उनके द्वारा भालू को पकडऩे रेस्क्यू शुरु किया गया। करीब 8 घंटे बाद भालू को पहली बार एक्सपर्ट द्वारा ट्रैंक्विलाइज किया गया। इसके 45 मिनट बाद दूसरी बार ट्रैंक्विलाइज किया गया।

2 गोली लगने के बाद जब भालू बेहोश हो गया तो उसे पकड़कर वाइल्ड लाइफ के वाहन में रखा गया। इसके बाद उसे निगरानी में रखा गया है। इस दौरान सीसीएफ, एसपी, डीएफओ, एसडीएम सहित काफी संख्या में प्रशासनिक-पुलिस व वन अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे। भालू के पकड़े जाने के बाद सभी ने राहत की सांस ली।

गौरतलब है कि जंगल से निकलकर एक भालू अंबिकापुर के वार्ड क्रमांक-10 स्थित धोबीपारा में घुस आया। यहां कुछ लोगों ने उसे देखा तो हो-हल्ला करने लगे। इसके बाद भालू इधर-उधर भागने लगा। इसी बीच वह धोबीपारा निवासी अनिमा प्रकाश के घर की बाड़ी में घुस गया। लोगों की चहलकदमी को देखते हुए वह झाडिय़ों में छिपकर बैठ गया।

इसकी सूचना जब प्रशासन-पुलिस व वन विभाग को मिली तो वे तत्काल मौके पर पहुंच गए। मौके पर सीसीएफ केके बिसेन, एसपी सदानंद कुमार, डीएफओ प्रियंका पांडेय, एसडीएम अजय त्रिपाठी, एडिशनल एसपी आरके साहू, सीएसपी आरएन यादव समेत काफी संख्या में पुलिस व वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी डटे हुए थे। दिनभर रेस्क्यू ऑपरेशन चलने के बाद शाम 4.45 बजे भालू को डॉ. सीके मिश्रा द्वारा ट्रैंक्विलाइज किया गया।

इससे भालू कुछ देर तक वहीं पर पड़ा रहा। 45 मिनट बाद वह वहां से उठकर दूसरी बाड़ी में कूदने वाला ही था कि दूसरी पर ट्रैंक्विलाइज किया गया। इससे भालू बेहोश हो गया। फिर वन विभाग द्वारा उसे पकड़कर वाइल्ड लाइफ के वाहन में लादा गया। विभाग द्वारा भालू को रात में निगरानी में रखा गया है। होश में आने के बाद उसे जंगल में छोड़ा जाएगा।


लगाए गए थे 2 पिंजड़े
भालू को पकडऩे बाड़ी के चारों ओर तार व प्लास्टिक की फेंसिंग कराई गई थी। वन अमले द्वारा यह आशा की जा रही थी कि भालू यदि दिन में वहां से निकलता है तो सीधे पिंजड़े में घुसेगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।

भालू दिनभर बाड़ी में ही छिपा रहा। इधर भालू को देखने काफी संख्या में लोगों की भी भीड़ जुटी थी। इस दौरान अमलेंदु मिश्रा, हाथी विशेषज्ञ प्रभात दुबे सहित अन्य लोग मौजूद थे।

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