जमीन विवाद पर दो पक्षों में जमकर मारपीट, एक ने की आत्मदाह करने व जेसीबी जलाने की कोशिश

Beaten: विवादित जमीन पर जेसीबी (JCB) चलने के बाद दो पक्षों में हो गया विवाद (Dispute), लाठी-डंडे भी चले, पुलिस (Surguja police) ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति

By: rampravesh vishwakarma

Published: 25 Nov 2020, 11:28 PM IST

अंबिकापुर. कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत एक विवादित जमीन (Disputed land) पर जेसीबी चलने के बाद दो पक्षों में जमकर मारपीट हो गई। इस दौरान लाठी-डंडे भी चले और एक पक्ष के द्वारा जेसीबी को तोडफ़ोड़ भी की गई।

यही नहीं, एक व्यक्ति अपने और जेसीबी पर मिट्टी तेल छिडक़कर आग लगाने का प्रयास करने लगा। विवाद इतना बढ़ गया कि मौके पर पुलिस बल को तैनात करना पड़ा। घटना शहर के संजय पार्क (Sanjay park) के पास की है।


जमीन पर वर्षों से काबिज घड़ा व्यवसायी परिवार पर स्टे (Court stay) के बावजूद निर्माण कार्य किये जाने का आरोप लगाते हुए रामानुजगंज से आये एक पक्ष द्वारा कब्जा हटाने के नाम पर बलपूर्वक अतिक्रमण किया गया है।

जबकि रामानुजगंज निवासी संजय कुमार गुप्ता द्वारा कब्जा हटाने की अनुमति कोर्ट से नहीं ली गई थी। बावजूद इसके विवादित जमीन पर जेसीबी चलाकर कब्जा हटाने का प्रयास किया जा रहा था।

इस दौरान दोनों पक्षों में जमकर विवाद हुआ। विवाद इतना बढ़ गया कि कब्जा हटाने पहुंचे जेसीबी पर घड़ा व्यवसायियों द्वारा तोडफ़ोड़ की गई।

यही नहीं, जमीन पर काबिज एक व्यक्ति द्वारा अपने और जेसीबी पर मिट्टी तेल छिडक़कर आग लगाने का प्रयास किया गया। इस दौरान मौके पर मौजूद कुछ पुलिसकर्मियों ने युवक विकास प्रजापति की जान बचाई।


घड़ा व्यवसायी ने भांजी लाठी
वहीं अपना नुकसान होता देख घड़ा व्यवसायी परिवार ने लाठी डंडा चलाना शुरु कर दिया। विवाद को बढ़ता देख कोतवाली पुलिस की टीम दलबल के साथ मौके पर पहुंच गई। तब जाकर मामला शांत हुआ।

घड़ा व्यवसायी परिवार का आरोप है कि वे कई वर्षों से उक्त जमीन पर काबिज है और यह जमीन उनकी है। वही दूसरे पक्ष का कहना है कि सर्वे सेटेलमेंट के आधार पर जमीन उनकी है। बावजूद इसके घड़ा व्यवसायी परिवार द्वारा जमीन पर कब्जा कर निर्माण कार्य करवाया जा रहा है।


न निगम और न पुलिस को दी गई सूचना
गौरतलब है कि रामानुजगंज से अंबिकापुर पहुंचे पक्ष द्वारा अतिक्रमण (encroachment) हटाये जाने की सूचना न तो नगर निगम (Nagar Nigam) को दी गई थी और न ही कोतवाली पुलिस को इस बारे में सूचित किया गया। इधर कोतवाली पुलिस का कहना है कि किसी भी पक्षों द्वारा यदि थाने में आवेदन दिया जाता है तो पुलिस मामले की जांच कर अग्रिम कार्रवाई करेगी।

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