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100 करोड़ के रिंग रोड में भारी घोटाला, 4 हजार पेजों के दस्तावेज के साथ शिकायत, 17 बिंदुओं में जानें गड़बडिय़ां

Big scam: अफसरों व ठेका कंपनी की मिलीभगत से रिंग रोड (Ring road) के फर्जीवाड़े में हुए चौंकाने वाले खुलासे, आरटीआई कार्यकर्ता (RTI activist) ने की थाने में की लिखित शिकायत

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100 करोड़ के रिंग रोड भारी घोटाला, 4 हजार पेजों के दस्तावेज के साथ शिकायत, 17 बिंदुओं में जानें गड़बडिय़ां

Ring road Ambikapur

अंबिकापुर. शहर के 11 किलोमीटर के रिंग रोड (Ring road) के निर्माण कार्य में 94 करोड़ का बड़ा घोटाला (Big scam) सामने आया है। ड्राइंग-डिजाइन (Drawing) के अनुसार कई कार्य नहीं किए गए व लाखों की राशि का भुगतान भी कर दिया गया।

सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारियों में निर्माण कार्य में अफसरों व ठेका कंपनी के मिलीभगत से फर्जीवाड़े के चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरटीआई कार्यकर्ता डीके सोनी ने इस मामले में अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ अपराध दर्ज करने 4 हजार पेजों के दस्तावेज के साथ कोतवाली में लिखित शिकायत की है।


गौरतलब है कि लोक निर्माण विभाग रायपुर द्वारा सड़क विकास निगम को रिंग रोड के निर्माण हेतु २७ अप्रैल २०१७ को 9757.49 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की थी। इस पर सड़क विकास निगम ने रायपुर के श्री किशन एंड कंपनी को 70 करोड़ 60 लाख का वर्क ऑर्डर (Work order) जारी किया था।

इस कार्य को श्री किशन एंड कंपनी ने स्वयं न कर पेटी कांट्रेक्ट पर सूरजपुर के ठेकेदार शंकर अग्रवाल को दे दिया था। लेकिन ठेकेदार द्वारा ड्राइंग-डिजाइन के अनुसार कार्य ही नहीं किया गया। रिंग रोड अंबिकापुर के लिए जो स्टीमेट शासन द्वारा स्वीकृत किया गया था, इसके तहत सड़क का निर्माण करना था, लेकिन उसके अनुसार कार्य नहीं हुआ है।

वहीं आज तक विभाग द्वारा ठेकेदारों को 94 करोड़ से अधिक का भुगतान कर दिया गया है, जबकि वर्क ऑर्डर 70 करोड़ 60 लाख का था। 23 लाख से अधिक का भुगतान अधिकारियों से मिलीभगत कर किया गया है। शासकीय राशि का सीधा गबन किया गया है। ठेकेदार द्वारा रिंग रोड (Ring road) में जो कार्य नहीं कराया गया है और उसकी राशि निकाल ली गई है।

रिंग रोड के दोनों तरफ 3.5-3.5 फीट का फुटपाथ बनाना था मौके पर नहीं बनाया गया है उसके लिए 5 करोड़ 27 लाख का प्रावधान था उसे भी ठेकेदार निकाल लिया है। वहीं नाली के ऊपर फुटपाथ दिखाया गया है जबकि ड्राइंग डिजाइन में नाली अलग है।

स्टीमेट के अनुसार सड़क नहीं बनाया गया है जिसके कारण गाड़ी चलने पर लहरा रही है तथा बराबर लेबल नहीं किया गया है। जितनी मोटाई की ढलाई सड़क की करनी थी वह नहीं किया गया है। स्टीमेट के अनुसार 8 कलवर्ट बॉक्स का निर्माण होना था, 9 बड़े जंक्शन का प्रावधान था, 20 छोटे जंक्शन भी बनने का प्रावधान था जो कि मौके पर नहीं बनाया गया है उसकी राशि भी निकाल ली गई है।

नाली का भी निर्माण घटिया बनाया गया। उपरोक्त तथ्यों के अलावा अन्य तथ्यों का उल्लेख शिकायत आवेदन में करते हुए आरटीआई कार्यकर्ता डीके सोनी ने ठेकेदार तथा रिंग रोड निर्माण में संलग्न सभी अधिकारियों के विरुद्ध शासकीय राशि का षडयंत्र पूर्वक योजनाबद्ध तरीके से गबन करने के संबंध में अपराध पंजीबद्ध किए जाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया है।


ये कार्य नहीं हुए, निकाल ली पूरी राशि
1 डिवाइडर के बीचो बीच कहीं भी पाइपलाइन नहीं बिछाया गया
2. नाली के ऊपर फुटपाथ बना, जबकि नाली अलग बननी थी
3. प्रोटेबल बेरिकेट नहीं लगाया गया
4. रिंग रोड के दोनों तरफ कर्फ विथ चैनल नहीं बना
5. 10 बड़े व 455 छोटे साइन बोर्ड नहीं लगाए गए


6. नाली का ड्रेनेज डिजाइन के अनुसार नहीं बना
7. स्टील रेलिंग नहीं लगाई गई
8. साइड की दीवारों पर पेंटिंग नहीं कराई गई
9. डिवाइडर में हर 25 मीटर पर सपोर्ट बिम नहीं डाला गया
10. पूरे रिंग रोड पर पौधे आर्गेनिक कर नहीं लगाए गए
11. डेकोरेटिव पौधे भी नहीं लगाए गए
12. पूरे रिंग रोड पर एक भी मूर्ति नहीं लगाई गई


13. सीमेंट आर्ट का भी काम नहीं कराया गया
14. घटिया स्तर की लाइट लगाई गई
15. अधिकांश स्थानों पर ट्रैफिक सिग्नल नहीं लगे
16. रिंग रोड की चौड़ाई भी प्रावधान के अनुसार नहीं
17. रिंग रोड अभी भी अधूरी है, जगह-जगह आ गईं हैं दरारें