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कलक्टर समेत ऑफिसरों ने लिया बोरे-बासी और चटनी का आनंद, बोरे-बासी खाने के ये हैं फायदे

Bore Basi: मजदूर दिवस (World Labour Day) पर श्रम वीरों के सम्मान में कलेक्टर समेत सरगुजा के तमाम आला अधिकारियों ने लिया सुपर फूड बोरे बासी का आनंद, सीएम ने मजदूर दिवस को बोरे-बासी (Bore Basi) दिवस के रूप में मनाने प्रदेश वासियों से की थी अपील

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Bore basi

Collector and other officers eat Bore Basi

अंबिकापुर. Bore Basi: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) के निर्देश पर 1 मई मजदूर दिवस के अवसर पर श्रम वीरों के सम्मान में जिले के कलेक्टर संजीव कुमार झा समेत जिले के तमाम आला अधिकारियों ने सुपर फूड बोरे बासी और चटनी का आनंद लिया। कलेक्टर ने मजदूर दिवस (World Labour Day) को बोरे बासी दिवस के रूप में मनाने के लिए प्रदेशवासियों से अपील की है। बोरे बासी खाने के कई फायदे भी हैं, इससे जहां ब्लड प्रेशर |(Blood Pressure) कंट्रोल रहता है वहीं डिहाइड्रेशन की समस्या नहीं होती है। लू (Heat Stroke) से भी यह बचाता है।


इस मौके पर उन्होंने कहा कि श्रम शक्ति को सम्मान देने के लिए 1 मई को जिले के सभी आला अधिकारियों के साथ बोरे बासी खाने का आनंद लिया गया। बोरे-बासी छत्तीसगढ़ का ट्रेडिशनल भोजन है और यह वैज्ञानिक रूप से भी प्रमाणित है कि बोरे बासी स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी (Good for health) है।

ये हीट स्ट्रोक, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों के इलाज में बहुत लाभकारी है। गर्मियों के समय में आज जहां सरगुजा का तापमान 42 से 43 डिग्री चल रहा है, लोग लू की चपेट में आ रहे हैं, ऐसे में बोरे बासी का सेवन करना काफी लाभकारी है।

सरगुजा कलक्टर सहित जिले के सभी आला अधिकारियों ने आज बोरे-बासी के साथ-साथ सरगुजा की फेमस लकड़ा की चटनी, आम की चटनी, टमाटर की चटनी, प्याज, अचार, दही का आनंद लिया। उन्होंने कहा कि बोरे बासी में कई महत्वपूर्ण गुण होते हैं। भीषण गर्मी में यह और भी लाभप्रद होता है। छत्तीसगढ़ में बोरे बासी खाने की परंपरा रही है, हम इसे और आगे बढ़ा रहे हैं, ताकि हमारी नई पीढ़ी भी हमारे खानपान और संस्कृति से परिचित हो सके।

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क्या है बोरे-बासी
उल्लेखनीय है कि बोरे-बासी छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) का ऐसा भोजन है जो बचे हुए चावल को पानी में भिगोकर रात भर रख कर बनाया जाता है। फिर सुबह उसमें हल्का नमक डालकर टमाटर की चटनी (Tomato souse) या अचार और कच्चे प्याज के साथ खाया जाता है।

छत्तीसगढ़ के लोग प्राय: सुबह बासी का ही नाश्ता करते हैं। बोरे-बासी खाने से न सिर्फ गर्मी और लू से राहत मिलती है, बल्कि बीपी कंट्रोल रहता है तथा डि-हाइड्रेशन की समस्या नहीं होती है।

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