
Plastic rice
अंबिकापुर. बाजार में मिलावटी चावल, दाल, तेल व मसालों की बिक्री की खबरें अक्सर सुनने व देखने को मिलती हैं। इन वस्तुओं के लगातार सेवन से आदमी तरह-तरह की बीमारियों का शिकार हो जाता है। उसे पता ही नहीं चलता कि वह मिलावटी खाद्य सामग्री खा रहा है। दिखने में ये खाद्य सामग्री सामान्य की भांति ही नजर आते हैं लेकिन हकीकत कुछ और होती है। कुछ महीने पूर्व प्लास्टिक चावल बाजार में बिकने की खबरें भी आई थीं।
यह चावल पकाए जाने के बाद गोला बनाकर जमीन पर पटकने पर फुटबॉल की तरह उछलता है। मोटा मुनाफा कमाने के चक्कर में व्यवसायी लोगों की जान जोखिम में डालने से भी नहीं चुकते हैं। इधर मिलावटी खाद्य सामग्रियों पर जिम्मेदार विभाग द्वारा कभी-कभार ही कार्रवाई की जाती है।
ऐसा ही एक मामला अंबिकापुर शहर में भी शनिवार की दोपहर देखने को मिला। आकाशवाणी चौक से लगे सीजो टायपिंग के सामने जगत मानिकपुरी व उनका परिवार रहता है। दोपहर में घर में चावल पका था। सभी सदस्य खाना खा ही रहे थे कि अन्य दिनों की भांति उसे खाने में अजीब लग रहा था।
शंका होने पर जगत मानिकपुरी ने चावल का गोला बनाया और टेबल तथा जमीन पर पटक कर देखा तो वह फुटबॉल की तरह उछलने लगा। कई बार यही प्रक्रिया दोहराने पर चावल उछला। इसकी जानकारी मिलते ही पत्रिका की टीम मौके पर पहुंची तो वाकई चावल पटकने पर उछल रहा था। पत्रिका ने इसका वीडियो भी बनाया।
42 रुपए किलो लिया था चावल
जगत मानिकपुरी ने बताया कि उन्होंने शहर के महाराजा गली स्थित मां दुर्गा फ्लोर मिल से 42 रुपए प्रति किलो की दर से चावल की खरीदी की थी। चावल के बोरे पर मलाई भोग लिखा हुआ था। इसकी जानकारी जब उन्होंने दुकानदार को दी तो उसने बताया कि वह ये चावल उसके यहां भगवानपुर स्थित राइस मिल से खरीदकर लाई जाती है।
प्लास्टिक चावल की संभावना
जगत मानिकपुरी का कहना है कि उन्होंने पहले भी खबरें सुनी थीं कि बाजार में प्लास्टिक के चावल भी बिक रहे हैं। उन्होंने आशंका जताई है कि हो सकता है ये चावल भी उसी तरह का हो। उन्होंने इस मामले में प्रशासन से शिकायत करने की बात कही है।
Published on:
06 Oct 2018 08:47 pm
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