
Civil Bahadur elephant funeral
अंबिकापुर. Civil Bahadur elephant died: तमोर पिंगला अभ्यारण्य के एलिफैंट रेस्क्यू सेंटर में रह रहे छत्तीसगढ़ के सबसे उम्रदराज हाथी सिविल बहादुर ने मंगलवार की सुबह 6 बजे मौत हो गई। वह 72 साल का था। पिछले 5 वर्षों से वह वन विभाग व महावतों की टीम की निगरानी में यहां रह रहा था। उसकी मौत से रेस्क्यू सेंटर परिवार में सन्नाटा पसर गया है। वन विभाग द्वारा उसका ससम्मान अंतिम संस्कार किया गया।
सूरजपुर जिले के प्रतापपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत तमोर पिंगला अभ्यारण्य में काफी संख्या में हाथियों की आमद-रफ्त है। अभ्यारण्य क्षेत्र में ही रमकोला में हाथियों की देखरेख के लिए हाथी रेस्क्यू सेंटर भी है। वन विभाग व महावतों द्वारा 5 कुमकी सहित अन्य हाथियों की देखरेख की जाती है।
इनमें सबसे उम्रदराज हाथी सिविल बहादुर था, जिसकी उम्र 72 वर्ष थे। मंगलवार की सुबह करीब 6 बजे अचानक उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बढ़ती उम्र के साथ उसके शरीर में कई दिक्कतें शुरु हो गई थीं।
पीएम के बाद किया गया अंतिम संस्कार
सिविल बहादुर हाथी की मौत की सूचना पर सूरजपुर डीएफओ समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। मौके पर ही डॉक्टरों की टीम द्वारा हाथी का पीएम किया गया। पीएम पश्चात ससम्मान सिविल बहादुर हाथी का अंतिम संस्कार किया गया।
पन्ना टाइगर रिजर्व में है सबसे उम्रदराज हथिनी ‘वत्सला’
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व में सबसे उम्रदराज हथिनी वत्सला है। उसकी उम्र 100 से 105 साल के बीच है। वह 2 बार मौत को चकमा दे चुकी है। हालांकि वत्सला हथिनी (Vatsala elephant) का नाम सबसे उम्रदराज हाथी में गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रेकॉर्ड में दर्ज नहीं है, क्योंकि टीटीआर कार्यालय में इसके जन्मतिथि का पंजीयन नहीं है।
गिनीज बुक में ताइवान स्थित चिडिय़ाघर में लिन वांग नामक हाथी का नाम सबसे उम्रदराज हाथी के रूप में दर्ज है। लिन वांग की उम्र 86 वर्ष थी, उसकी मौत हो चुकी है।
Published on:
03 Jan 2023 07:51 pm
बड़ी खबरें
View Allअंबिकापुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
