
Elephant dead body
अंबिकापुर. बलरामपुर जिले के राजपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत गोपालपुर व अतौरी सर्किल के दरबारी महुआ में 11 जून की सुबह हथिनी का शव मिला था। हथिनी की मौत 6 जून को ही हो गई थी लेकिन विभाग को 5 दिन बाद पता चला। इस मामले को घोर लापरवाही मानते हुए राज्य शासन ने राजपुर रेंजर अनिल सिंह को निलंबित कर दिया है।
वहीं मामले में कार्रवाई करते हुए वनमंत्री के निर्देश पर पीसीसीएफ ने बलरामपुर डीएफओ प्रणय मिश्रा को भी हटा दिया है। उनके स्थान पर लक्ष्मण सिंह बलरामपुर के नए डीएफओ होंगे। वहीं वन विभाग के एसडीओ केएस खुटिया को भी निलंबित कर दिया गया है। (committee investigate death of elephants)
गौरतलब है कि बलरामपुर जिले के राजपुर वन परिक्षेत्र में हथिनी की मौत के मामले को राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया है। इसमें प्रथमदृष्ट्या लापरवाही पाए जाने पर अधिकारियों पर गाज गिर रही है।
11 जून को हथिनी का शव जंगल में मिला था और 13 जून को राज्य शासन ने बलरामपुर के डीएफओ को जहां हटा दिया, वहीं एसडीओ व रेंजर के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है। वहीं डीएफओ को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 7 दिन के भीतर जवाब मांगा गया है।
कारण बताओ नोटिस में ये लिखा
डीएफओ को जारी कारण बताओ नोटिस में लिखा है कि 6 जून को हथिनी की मौत हो गई थी लेकिन विभाग को इसकी जानकारी 11 जून को हुई, तब तक शव सडक़ चुका था। मानव व हाथी द्वंद्व नियंत्रण कार्य में यह घोर लापरवाही बरती गई है।
प्रतापपुर वन परिक्षेत्र में भी 2 हथिनियों की हुई है मौत
गौरतलब है कि प्रतापपुर वन परिक्षेत्र में भी गर्भवती समेत 2 हथिनियों का शव 9 व 10 जून को मिला था। प्रसव पीड़ा से तड़प रही गर्भवती हथिनी द्वारा चिंघाड़ लगाए जाने के बाद भी वन विभाग द्वारा उसकी सुध नहीं ली गई थी, अगले दिन उसका शव मिला था। वहीं दूसरी हथिनी का शव भी अगले दिन उसी स्थान पर मिला था। इस मामले में भी जिम्मेदारों पर कार्रवाई अभी बाकी है।
Published on:
13 Jun 2020 11:48 pm

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