
broken house
राजपुर. 23हाथियों के दल ने रविवार की रात ग्राम बाटीडांड़ में उत्पात मचाते हुए ८ घरों को तोडऩे के साथ ही ४ किसान की फसल को बर्बाद कर दिया। हाथियों के दल में शामिल मादा हाथी ने जंगल में एक शावक को भी जन्म दिया है। इससे दल के आगे बढऩे की संभावना अब और कम हो गई है और ग्रामीण दहशत में हैं। रात में हाथियों का दल अंबिकापुर-झारखंड एनएच पर स्थित चांची मोड़ व चरगढ़ रोड पर आधे घंटे खड़ा रहा। इससे वहां जाम लग गया।
राजपुर से करीब 25 किलोमीटर दूर ग्राम बाटीडांड़ में रविवार की रात पहुंचे हाथियों के दल ने जमकर उत्पात मचाया। यहां हाथियों ने टेरनु पिता साधु यादव, बागर पिता रटू बरगाह, रामलाल पिता बिनकर बरगाह, सुखदेव पिता राम लाल बरगाह, हुकुम राम पिता बादी राम, बादी राम पिता जेठू राम, बृजमोहन पिता सतन कोलता व शंभू पिता सनातन कोलता का मकान तोड़ दिया है।
इसके अलावा श्याम लाल कोलता, उत्तम प्रसाद पिता विशुन राम, बोलोचन पिता सरातन कोलता व चतुर्गुण पिता देवनन्दन यादव की फसल को नुकसान पहुंचाया। हाथियों ने उक्त ग्रामीणों का घर तोडऩे के साथ ही घर में रख धान की फसल को चट कर गए। हाथियों के उत्पात से ग्रामीण पूरी रात दहशत में रहे।
हाथियों के दल में शामिल मादा ने जंगल में रात में ही एक शावक को भी जन्म दिया। वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने गांव में पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया और ग्रामीणों को हाथियों से दूर रहने की सलाह दी है। हाथियों के उत्पात से ग्राम बाटीडांड़, बरियों, भिलाई, भेस्की, चंगोरी, उधवाकठरा, मंदरीडांड़, चांची, चन्द्रगढ़, खुखरी, डिगनगर, करजी, परसागुड़ी, सिधमा, बदवली व रेवतपुर के ग्रामीण दहशत में हैं।
आधे घंटे तक बंद रहा एनएच 343
देर रात लगभग ९.१५ बजे २३ हाथियों का दल अंबिकापुर-राजपुर एनएच ३४३ पर चांची मोड़ व चरगढ़ के बीच मार्ग पर आ गया। इससे अफरा-तफरी की स्थिति निर्मित हो गई और सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। हथिनी अपने जन्म लिए शावक को सूंड से उठाए हुए थी। करीब आधे घंटे बाद हाथियों का दल सड़क को पार कर जंगल की ओर गया, तब आवागमन प्रारंभ हो सका।
Published on:
18 Dec 2017 10:21 pm
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