
Experts of elephants
अंबिकापुर. वन विभाग द्वारा अब हाथी व मानव द्वंद को रोकने के लिए हाथियों के व्यवहार का अध्ययन किया जा रहा है। मौसम के अनुसार हाथियों के बदलते व्यवहार को ध्यान में रख आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। इसके लिए भारतीय वन जीव संस्थान देहरादून से आए विशेषज्ञ काफी दिनों से क्षेत्र में सक्रिय हाथियों के एक-एक मूवमेंट पर नजर रखे हुए हैं। शुक्रवार की शाम उनका सामना अचानक हाथियों से हो गया तो वे कपड़े उतारकर टीले पर लेट गए।
भारतीय वन जीव संस्थान देहरादून के विशेषज्ञों द्वारा सरगुजा संभाग में सक्रिय हाथियों पर नजर रख उनके व्यवहार का अध्ययन किया जा रहा है। वन विभाग द्वारा हाथी व इंसान के बीच बढ़ रहे द्वंद को रोकने के लिए काफी प्रयास किए जा रहे हैं। उसे ध्यान में रखते हुए वन विभाग द्वारा क्षेत्र में सक्रिय हाथियों के व्यवहार को ध्यान में रख आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
भविष्य में कुमकी हाथियों का दल भी सरगुजा में आएगा। इन हाथियों की मदद से सरगुजा में सक्रिय हाथियों को रोकने के लिए पूर्व में किए गए अध्ययन का अच्छा सहयोग मिल सकेगा। हाथियों को किस तरह से जंगल में रोका जाए इस पर बेहतर तरीके ासे काम किया जाएगा।
अचानक आ पहुंचा 57 हाथियों का दल, लेट गए सभी लोग
देहरादून से आए हाथी विशेषज्ञ अंकित कुमार व स्थानीय हाथी विशेषज्ञ प्रभात दुबे शुक्रवार की शाम को सोनगरा के समीप स्थित जंगल में सक्रिय हाथियों पर नजर रखे हुए थे। अचानक उनका सामना 57 हाथियों के दल से हो गया।
हाथियों को देख किसी तरह टीले पर कपड़े उतराकर सभी लेट गए और अपनी सांसें कुछ देर के लिए रोक दी थीं। लेटकर सभी ने हाथियों के व्यवहार को देखा। इससे वहां इंसान के होने की उम्मीद नहीं होने पर हाथियों का दल वापस लौट गया।
कब हमला करता है इस पर रखी नजर
हाथी किस व्यवहार पर आक्रमक हो जाता है। इसे काफी बारिक से नजर रखे हुए थे। हाथियों के दल में शामिल मकना हाथी, दंत्तेल हाथी, मादा हाथी के व्यवहार पर काफी देर तक नजर रख उसके एक-एक गतिविधियों का अध्ययन किया गया। अध्ययन के बाद मिली जानकारी से हाथियों के बस्ती के आसपास रहने से उससे कैसे बचा जाए। इसे लेकर लोगों को जागरूक किया जाएगा। इसपर भी शोधकर्ता व हाथी विशेषज्ञों से सलाह ली जा रही है।
गर्मी में मिट्टी से खेलते नजर आए हाथी
हाथी विशेषज्ञ अंकित कुमार ने बताया कि गर्मी होने की वजह से हाथी अपने शरीर पर मिट्टी डालकर खेलते हुए नजर आए। हाथी अपने बच्चों को दल के साथ घेरा बनाकर चल रहे थे। इस दौरान वे एक आम इंसान की तरह ही अपने शावक का ख्याल रख रहे थे। शावक के साथ मादा हाथी दिनभर खेलती रही व जब शावक थक जाता था वे आगे बढ़ जाते थे।
Published on:
21 Apr 2018 09:30 pm

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