
Patthargarhi
अंबिकापुर. राजमोहिनी भवन में सर्व आदिवासी समाज द्वारा रविवार को आयोजित कार्यक्रम में भड़काऊ भाषण दिए जाने के आरोप में जशपुर जेल में बंद ओएनजीसी का सेवानिवृत्त कर्मचारी जोसेफ तिग्गा के खिलाफ गांधीनगर पुलिस ने भी विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने उक्त कार्रवाई कमलेश टोप्पो की शिकायत पर की है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार रविवार को सर्व आदिवासी समाज द्वारा आयोजित सम्मेलन में जशपुर जिले के जोसेफ तिग्गा भी शामिल हुए थे। जोसेफ तिग्गा ओएनजीसी के सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं और वर्तमान में पत्थरगढ़ी के मामले में जशपुर जेल में बंद है। रविवार को आयोजित सम्मेलन में जोसेफ तिग्गा ने विवादित भाषण दिया था।
इस पर फुंदुरडिहारी इंदिरानगर निवासी कमलेश टोप्पो ने गांधीनगर थाने में जोसेफ तिग्गा के खिलाफ समाज में घृणा, शत्रुता एवं असामंजस्यता फैलाने के उद्देश्य से भड़काऊ भाषण दिए जाने का अपराध दर्ज कराया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर धारा 120 बी, 351 बी(१)(सी), 505(1)(सी), 505(2) के तहत जुर्म दर्ज किया है।
पत्थरगढ़ी को बताया था जायज
राजमोहिनी देवी भवन में सर्व आदिवासी समाज के संभागीय सम्मेलन में आदिवासी समाज के प्रमुख पदाधिकारियों ने पत्थरगढ़ी को जायज करार देते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। कमलेश टोप्पो ने आरोप लगाते हुए कहा था कि जोसेफ ने अपने भाषण में कहा था कि सर्वदलीय समाज के परिवेश में जो हम रहते है उस परिवेश में बाहर निकलकर हम अपने ही जाति के साथ रहें और सर्वदलीय समाज के ढांचा को समाप्त कर दें।
अन्य जाति के लोग हमारे हित की नहीं सोचते इस लिए अपने जाति जो छोड़ कर हर कार्यों का व सरकार का विरोध करना है। इन भड़काऊ भाषणों से आदिवासी समाज को उग्र किया जा रहा है व अपने वर्ग के लोगों में ही शत्रुता पैदा की जा रही है। ऐसी स्थिति निर्मित की जा रही है कि आदिवासी समाज मे सरकार के प्रति घृणा पैदा हो जाए।
उन्होंने शिकायत में कहा है कि आदिवासी समाज बेहद शांतिप्रिय व आपसी मेल-जोल के साथ रहता है व शासन की नीतियों के अनुसार अपना जीवन-यापन करता है। परंतु इन भाषणों से आदिवासी समाज के मन मे आक्रोश भर रहा है। इसलिए जोसेफ तिग्गा व अन्य पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
Published on:
02 May 2018 09:59 pm
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