
Fake note
अंबिकापुर. थोक मछली व्यापारी को एक खुदरा व्यावसायी ने पेमेंट के रूप में 40 हजार रुपए दिए थे। सभी नोट पांच-पांच सौ के थे। व्यापारी ने जब रुपयों का मिलान किया तो इसमें पांच सौ के 12 नोट नकली निकले। नोट को कलर प्रिंटर से निकाला गया है। इसकी शिकायत मछली व्यवसायी ने कोतवाली में दर्ज कराई है। पुलिस ने खुदरा व्यवसायी के खिलाफ जुर्म दर्ज कर उसकी खोजबीन शुरु कर दी है।
सूरजपुर जिले के जयनगर थाना क्षेत्र के ग्राम महावीरपुर निवासी 41 वर्षीय बीरबल सरकार पिता चंडीचरण सरकार थोक मछली व्यापारी है। इसके पास से प्रतापपुर के मुन्ना उर्फ इबने अली मछली खरीदकर बेचने का काम करता है। 15 जून को मुन्ना ने बीरबल को 40 हजार रुपए का पेमेंट किया था। सभी नोट 5-5 सौ रुपए के थे।
इस दौरान तो बीरबल ने नोट गिन कर अपने पास रख लिया। बाद में जब उसने रुपयों का मिलान किया तो 40 हजार की गड्डी में पांच-पांच सौ के 12 नकली नोट मिले। बीरबल ने इसकी शिकायत कोतवाली में दर्ज कराई है। रिपोर्ट पर पुलिस ने मुन्ना के खिलाफ धारा 489 क, ख, ग आईपीसी के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उसकी खोजबीन शुरु कर दी है।
पहले दो-दो हजार खपाए जा रहे थे नकली नोट
सरगुजा संभाग में नकली नोट खपाने का खेल काफी दिनों से चल रहा है। दो महीने पूर्व पुलिस ने दो-दो हजार के नकली नोट खपाने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। नकली नोट का तार बांग्लादेश जुड़ा हुआ है। पुलिस अब तक मुख्य सरगना को गिरफ्तार करने में असफल रही है।
स्केन कर बनाया गया है नोट
पांच-पांच सौ के नकली नोट को स्केन कर बनाया गया है। यह असली नोट से काफी भिन्न है। नकली नोट की मोटाई ज्यादा है। वहीं 2-3 नोटों का नंबर एक ही था। इस नोट को स्केनिंग कर कलर प्रिंटर से सामान्य कागज में पिं्रट निकाला गया है।
संदेहियों से चल रही पूछताछ
पांच-पांच सौ के नकली नोट खपाने के मामले में कोतवाली पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है। वहीं इस कारोबार में लगे लोगों पर भी नजर रख रही है। इस मामले में पुलिस कुछ संदेहियों से भी पूछताछ कर रही है।
Published on:
18 Jun 2018 08:05 pm
बड़ी खबरें
View Allअंबिकापुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
