
Online fraud gang arrested
अंबिकापुर. Lenskart: लेंसकार्ट का फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर शहर के ब्रह्मपारा निवासी एक व्यक्ति से अज्ञात लोगों द्वारा 13 लाख 81 हजार 800 रुपए की ऑनलाइन ठगी (Online fraud) की गई थी। इस मामले में सरगुजा पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के 2 सदस्यों को बिहार के नालंदा जिले से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से 2 लाख 52 हजार रुपए नगद, घटना में प्रयुक्त कंप्यूटर, लैपटॉप, 15 नग मोबाइल, आधा दर्जन से अधिक एटीएम कार्ड (ATM Card) सहित अन्य सामान जब्त किया है। पुलिस दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अंबिकापुर लाई, यहां से दोनों को जेल भेज दिया गया। आरोपियों में से एक 12वीं पास है जबकि दूसरे ने ग्रेजुएशन किया है।
मामले का खुलासा करते हुए बुधवार को सरगुजा एसपी भावना गुप्ता ने बताया कि प्रणय शेखर घोष शहर के ब्रह्मरोड का रहने वाला है। उसने 26 मई को कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 26 अपै्रल से 4 मई 2022 के बीच अज्ञात व्यक्ति द्वारा लेंसकार्ट का शो रूम खुलवाने के नाम पर उससे 13 लाख 81 हजार 800 रुपए की ऑनलाइन ठगी की गई है।
पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ धारा 420, 34 भादवि 66डी आईटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया। एसपी ने जांच की जिम्मेदारी साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक कलीम खान को सौंपी। साइबर सेल की जांच में आरोपियों द्वारा कई मोबाइल एवं बैंक खातों की मदद से ठगी की राशि का आहरण करने का पता चला।
एसपी के निर्देश पर एएसपी विवेक शुक्ला व सीएसपी अखिलेश कौशिक के मार्गदर्शन में कोतवाली व साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित कर बिहार रवाना की गई।
टीम ने बिहार के नालंदा जिले के ग्राम नोआवां थाना अस्थावां निवासी आरोपी आयुष राज पिता विजय कुमार व ग्राम भिखनीबिगहा थाना सारे निवासी अमरजीत कुमार पिता लालो प्रसाद को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इसके बाद पुलिस दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस ने इनके खाते को किया सीज
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने इनके पास से 2 लाख 52 हजार रुपए नगदी, घटना में प्रयुक्त कंप्यूटर सेट, लौपटॉप, 15 नग मोबाइल, एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक, लेमिनेशन मशीन, वेब कैमरा इत्यादि सामान बरामद किया गया है। पुलिस ने इनके खाते को सीज कर विवेचना में लिया है।
ठगी के मामले में मास्टर माइंड है आयुष
ऑनलाइन ठगी (Online fraud) के मामले में गिरफ्तार आरोपी आयुष मास्टर माइंड है। यह १२वीं पास है। यह पूर्व में डाटा इंट्री ऑपरेटर का काम कॉल सेंटर में करता था। वहां से कंप्यूटर की जानकारी लेकर ठगी का काम करता था। जबकि अमरजीत ने ग्रेजुएशन तक पढ़ाई की है। दोनों अन्य साथियों के साथ मिलकर ऑनलाइन ठगी का काम करते हैं।
प्रतिदिन किया जाता है करीब 100 कॉल
एसपी ने आरोपियों के बारे में बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपी अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर ठगी करते हैं। इनके गिरोह में 7 से ज्यादा लोग हैं लेकिन किसी को कोई आपस में जानता नहीं है। केवल मोबाइल के माध्यम से ऑनलाइन ठगी (Online swindle) के संबंध में ही चर्चा करते हैं। सभी का अलग-अलग काम बंटा हुआ है। ठगी का शिकार बनाने के लिए गिरोह द्वारा प्रतिदिन 100 लोगों के पास कॉल किया जाता है। इसी में एक-दो व्यक्ति ठगी का शिकार हो जाते हैं।
सरगुजा पुलिस ने की ठगी से बचने की अपील
ठगी के तरीकों के मद्देनजर सरगुजा पुलिस द्वारा लोगों को ठगी का शिकार होने से बचने के लिए ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के प्रति अत्यंत सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
सरगुजा पुलिस के सोशल मीडिया पेज पर ठगी से बचने के पर्याप्त जानकारी उपलब्ध कराई गई है, ताकि नागरिक इसे पढ़ें और ऑनलाइन ठगी का शिकार होने से बच सकें। आम नागरिकों से ऑनलाइन ठगी एवं सोशल मीडिया फ्रॉड से बचने सरगुजा पुलिस सोशल मीडिया पेज का फॉलो करने की भी अपील की गई है।
कार्रवाई में ये रहे शामिल
कार्रवाई में मुख्य रूप से निरीक्षक कोतवाली प्रभारी भारद्वाज सिंह, निरीक्षक कलीम खान, निरीक्षक विजय प्रताप सिंह, एसआई रूपेश नारंग, सायबर सेल से प्रधान आरक्षक सुधीर सिंह, भोजराज पासवान, कुंदन सिंह, अनुज जायसवाल, मनीष सिंह, अंशुल शर्मा, आलोक गुप्ता, अभिषेक राठौर, शिव राजवाड़े, जितेश साहू, विरेन्द्र पैकरा, सुयश सिंह, स्मिता रागिनी मिंज, रमेश राजवाडे, अशोक यादव, लालदेव पैकरा व विकास मिश्रा शामिल रहे।
Published on:
22 Jun 2022 08:24 pm
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