28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

हैवानियत की हद : 3 दरिंदों ने गैंगरेप के बाद युवती के गुप्तांगों में डाल दी थी लकड़ी, नग्न मिली थी लाश

गांव के नाले के पास खेत में युवकों ने दिया था वारदात को अंजाम, कोर्ट ने तीनों आरोपियों को सुनाई मृत्युपर्यंत कारावास की सजा

2 min read
Google source verification
rape and murder

Gangrape and murder

अंबिकापुर. लखनपुर ब्लॉक के ग्राम बांसाझाल नाले के समीप भोलाराम के खेत में लगभग ढाई वर्ष पूर्व एक युवती की नग्न अवस्था में लाश मिली थी। पुलिस ने मामले में जुर्म दर्ज करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया था। 3 युवकों ने युवती से दुष्कर्म के बाद उसके गुप्तांगों में लकड़ी डालकर हत्या कर दी थी।

मामले की सुनवाई करते हुए मंगलवार को विशेष न्यायाधीश (अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचरण निवारण अधिनियम) आलोक कुमार ने आदेश सुनाते हुए तीनों को मृत्युपर्यंत कारावास की सजा सुनाई है।


न्यायालय से मिली जानकारी के अनुसार 14 दिसंबर 2015 को लखनपुर के बासांझाल नाला के समीप भोला राम के खेत में एक युवती का नग्न अवस्था में शव मिला था। पुलिस ने मामले को प्रथम दृष्टया हत्या का मानते हुए विवेचना शुरू कर दी थी लेकिन पुलिस को आगे की विवेचना के लिए पीएम रिपोर्ट का इंतजार था।

पीएम रिपोर्ट में युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किए जाने व उसके गुप्तांगों में ल$कड़ी डालकर हत्या की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने मामले में आदिवासी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत धारा 376(घ), 376(क), 201 व 302, 34 के तहत जुर्म दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी थी।

मामले में मिले साक्ष्य के आधार पर लखनपुर पुलिस ने लखनपुर के ग्राम पटकुरा के कुकरटांगा निवासी 32 वर्षीय रामलाल यादव पिता त्रिवेणी यादव, 24 वर्षीय बबलू उर्फ तुलेश्वर पिता छत्तर यादव, 21 वर्षीय शिवनारायण यादव पिता स्व. गंगाराम यादव को गिरफ्तार करते हुए न्यायालय में पेश किया। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश आलोक कुमार के न्यायालय में की जा रही थी।

सुनवाई के दौरान आए साक्ष्य के आधार पर मंगलवार को विशेष न्यायाधीश ने आरोपी रामलाल यादव, बबलू उर्फ तुलेश्वर व शिवनारायण यादव को धारा 376(घ) के तहत मृत्युपर्यंत आजीवन कारावास व 5 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। इसके साथ ही धारा 376(क) के तहत आजीवन कारावास, 302, 34 के तहत आजीवन करावास व 201 के तहत 5 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।

Story Loader