ग्राम बंदना बांसापारा से मांझी आदिवासी परिवार के 25 से अधिक मजदूरों को अधिक मजदूरी का लालच देकर तमिलनाडु ले जाया गया था, जो किसी तरह भाग कर अपने घर पहुंचे हैं। इस संबंध में रामलखन, हिरमोहन का कहना है कि उन्हें झूठ बोलकर तमिलनाडु ले जाया गया था, जहां सिर्फ मजदूरी कराया जाता था।