
Lieutenents in Indian Army
अंबिकापुर. Lieutenents: भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट का 3 पद प्राप्त करके अंबिकापुर वापस लौटे रितेश तिवारी, सोमिल अग्रवाल व रजत सिंह का एनसीसी के पूर्व छात्र सैनिकों द्वारा शहर के एक होटल में सम्मान एवं अभिनंदन किया गया। अंबिकापुर शहर के 3 छात्रों रितेश तिवारी, सोमिल अग्रवाल व रजत सिंह का पूर्व में एनडीए में चयन हुआ था। तत्पश्चात इन्होंने 4 वर्षों का भारतीय सेना (Indian Army) का कठिन प्रशिक्षण प्राप्त करने के पश्चात लेफ्टिनेंट का पद प्राप्त किया तथा पासिंग आउट होने के पश्चात फिलहाल वह अंबिकापुर में अपने परिजनों के पास मिलने आए हैं तथा आगामी दिनों में यह वापस जाकर भारतीय सेना का हिस्सा बनेंगे। रितेश के पिता अधिवक्ता हेमंत तिवारी व माता रूपा तिवारी हैं। सोमिल अग्रवाल के पिता व्यवसायी संजय अग्रवाल व माता लक्ष्मी अग्रवाल हैं। सब लेफ्टिनेंट रजत सिंह के पिता एमआर प्रवीण सिंह व माता मंजू सिंह हैं। भारतीय सेना के तीनों जांबाज लेफ्टिनेंट का अंबिकापुर के पूर्व एनसीसी छात्र सैनिकों द्वारा अभिनंदन एवं सम्मान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान तीनों के परिजनों का भी सम्मान किया गया। क्योंकि उनके धैर्य एवं आत्मविश्वास की बदौलत ही यह छात्र भारतीय सेना में जाने के लिए प्रेरित हुए, रितेश ने अपने छात्र जीवन में किए गए मेहनत एवं लगन का परिचय देते हुए तैयारी करने के पश्चात सफल होना बताया।
उन्होंने 4 वर्षों के कठिन प्रशिक्षण में किस प्रकार की कठिनाइयां या यादगार पल रहे उसको शेयर किया। उन्होंने यह भी बताया कि अंबिकापुर के और भी छात्रों को यदि सही मार्गदर्शन मिले तो वे भारतीय सेना का हिस्सा बन सकते हैं और उसमें बड़ा पद प्राप्त कर सकते हैं।
कार्यक्रम में एनसीसी के पूर्व छात्र सैनिक देवराज बाबरा, अजय तिवारी, परशुराम सोनी, राजेश बहादुर सिंह, दीपक श्रीवास्तव, राकेश तिवारी, एसके शेषाद्री, अब्दुल जाकिर, रघु देव नाथ, अनिल सिंह, सुनील सिंह, प्रणव चक्रवर्ती, जयेश वर्मा, परमानंद तिवारी, बरखा जयसवाल ,राजू पाठक, त्रिभुवन सिंह, एनसीसी अधिकारी नवनीत त्रिपाठी उपस्थित थे। आभार प्रदर्शन सैयद अख्तर हुसैन व मंच संचालन अभय तिवारी ने किया।
कार्यक्रम में परिजन नहीं रोक पाए आंसू
देशभक्ति से ओतप्रोत इस कार्यक्रम में भावुक करने वाला भी क्षण था। कार्यक्रम में कई बार ऐसे क्षण आए जब छात्रों के परिजन अपने आंसू नहीं रोक पाए उन्होंने अपने त्यागो को किस प्रकार इस दौरान व्यतीत किया है। सोमिल की माता लक्ष्मी अग्रवाल ने संबोधित करते हुए अपने उस दौरान के भावनाओं को व्यक्त किया और अपने आंसू नहीं रोक पाई लेकिन उन्होंने कहा कि यह खुशी के आंसू हैं।
इसी प्रकार कार्यक्रम को सब लेफ्टिनेंट रजत सिंह ने भी संबोधित किया और अपने विचार व्यक्त किए उन्होंने कहा कि यह हमारा सम्मान नहीं है बल्कि भारत देश के शहीद हुए उन समस्त सैनिकों का सम्मान है बल्कि सम्मान के असली हकदार वही हैं, जिनकी बदौलत हम इस मुकाम पर पहुंचे।
Published on:
24 Dec 2021 11:59 pm
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