
Jivandeep workers protest
अंबिकापुर. मेडिकल कॉलेज (Medical college) अस्पताल की सफाई, किचन व सुरक्षा व्यवस्था को ठेके पर कर दिया गया है। यह निर्णय शासन स्तर पर लिया गया है। जीवन दीप समिति के कर्मचारियों से ही अस्पताल की सफाई से लेकर ओटी तकनीशियन, एक्स-रे, सोनोग्राफी, इसीजी सहित अन्य विभागों में काम लिया जाता है।
जीवन दीप समिति के कर्मचारियों को ठेके पर कर दिए जाने से इसका विरोध शुरु कर दिया गया। गुरुवार को कर्मचारियों ने अस्पताल के सभी विभागों का कार्य बंद कर विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। इससे अस्पताल की सफाई व्यवस्था व अन्य काम बाधित रहे।
कर्मचारियों का आरोप है कि ठेका पर किए जाने के बाद मानदेय ३ हजार रुपए घटा दिया गया है। ठेका कंपनी द्वारा पीपीएफ के नाम पर कर्मचारियों के मानदेय में 3 हजार रुपए की कटौती की जा रही है।
विरोध प्रदर्शनर पर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एमएस डॉ. पीएस सिसोदिया ने कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल से चर्चा की और ठेके पर किए जाने व पीपीएफ कटौती के संबंध में कर्मचारियों को समझाइश दी। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का अहित नहीं किया जाएगा।
वर्ष 2016 में मेडिकल कॉलेज (Medical college) बनने के बाद जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज में मर्ज कर दिया गया। जिला अस्पताल की जीवन दीप समिति को भंग कर स्वशासित कर्मचारी नियुक्त कर दिए गए इसमें 74 सफाई व ११ तकनीशियन सहित कुल 140कर्मचारी शामिल हैं।
सभी कर्मचारियों को कलक्टर दर पर भुगतान किया जाता है। अब शासन के निर्देश पर अस्पताल की सफाई, भोजन व सुरक्षा व्यवस्था को ठेके पर कर दिया गया है। इसका टेंडर कुछ दिन पूर्व ही हुआ है। अब इसे पक्रिया में लाना शुरू कर दिया गया है। अब जीवन दीप समिति के कर्मचारियों से ठेेका कंपनी द्वारा काम लिया जाएगा।
अस्पताल के जीवन दीप समिति के कर्मचारियों ने गुरुवार को ठेका प्रथा का जमकर विरोध किया। कर्मचारियों ने सभी विभागों का काम ठप कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कर्मचारियों का कहना है कि ठेका प्रथा बंद किया जाए और कलक्टर दर पर ही हमारा मानेदय का भुगतान कराया जाए। ठेका कंपनी द्वारा सभी कर्मचारियों का पीपीएफ के नाम पर ३ हजार रुपए की कटौती की जा रही है।
एमएस से की चर्चा
कर्मचारियों ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एमएस डॉ. पीएस सिसोदिया से चर्चा की। इस दौरान एमएस ने ठेका कंपनी के संबंध में कर्मचारियों को समझाया। एमएस ने कर्मचारियों को बताया कि आप लोगों को नौकरी से निकाली नहीं जाएगा, यह ठेका कंपनी के साथ एग्रीमेंट किया गया है।
आप लोगों की सुरक्षा के हित में काम किया जाएगा। कंपनी द्वारा आप लोगों के नाम से पीपीएफ की कटौती की जा रही है तो आगे चल कर आप लोगों का ही फायदा होगा।
अस्पताल का काम रहा ठप
अस्पताल में जीवन दीप समिति के कर्मचारियों से ही काम लिया जाता है। इन कर्मचारियों को सफाई, एक्स-रे, सोनोग्राफी, इसीजी में भी नियुक्ति किया गया है, जिसका मानदेय कलक्टर दर पर किया जाता है।
गुरुवार की सुबह से ठेके पर किए जाने का विरोध शुरू होने के बाद एक्सरे, सोनोग्राफी, इसीजी सहित अन्य विभागों का काम प्रभावित रहा। वहीं अस्पताल में चारों ओर गंदगी पसरी रही। इस दौरान केवल नियमित कर्मचारी ही काम पर नजर आए। इससे काम प्रभावित रहा।
नहीं हुई भर्ती प्रक्रिया
अस्पताल के किसी भी ओटी में नियमित कर्मचारी नहीं है। ओटी तकनीशियन का काम भी जीवन दीप समिति के कर्मचारियों से ही लिया जा रहा है। जीवन दीप समिति के 11 तकनीशियन शामिल हैं। इसी तरह अन्य विभागों में भी तकनीशियन के रूप में जीवन दीप समिति के कर्मचारियों को ही लगाया गया है।
दो माह से नहीं मिला मानदेय
कर्मचारियों का आरोप है कि पिछले दो माह से मानदेय नहीं मिला है। इससे कोरोना व लॉकडाउन में काफी परेशानी का भी सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद भी कोरोना काल में पूरी ईमान्दारी के साथ काम कर रहे हैं। वहीं सुरक्षा गार्ड का भी भुगतान पिछले दो माह से नहीं हुआ है।
कर्मचारियों ने लगाया बदसलूकी का आरोप
ठेका प्रथा का विरोध कर रहे कर्मचारियों ने अस्पताल के उप अधीक्षक अलख वर्मा पर बदसलूकी का आरोप लगाया है। कर्मचारियों का कहना है कि डॉ. वर्मा द्वारा नौकरी से निकाल देने की धमकी के साथ जेल भिजवाने की धमकी दी गई है। इससे कर्मचारियों में रोष है। कर्मचारियों ने बदसलूकी किए जाने की शिकायत एमएस डॉ. पीएस सिसोदिया से भी की है। (Medical college)
पुलिस भी काफी देर तक रही तैनात
कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे विरोध-प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर मणिपुर चौकी प्रभारी अपने टीम के साथ अस्पताल पहुंचे थे। इस दौरान काफी देर तक पुलिस मौके पर डटी रही। विरोध-प्रदर्शन के दौरान किसी तरह की कोई अप्रिय घटना न हो इसे लेकर सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस तैनात रही।
Published on:
02 Jul 2020 08:42 pm
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