
Monkey in hospital
अंबिकापुर. Monkey attack: जंगल से भटक कर बुधवार की सुबह 2 बंदर शहर में घुस गए और विभिन्न क्षेत्रों में उत्पात मचाते रहे। इस दौरान बंदरों ने शहर की प्रतिष्ठित समाजसेवी महिला व बच्चों के अलावा आधा दर्जन कुत्तों को भी काटकर घायल कर दिया। बंदरों के उत्पात से परेशान लोगों की सूचना पर स्नेक मैन सत्यम द्विवेदी ने काफी मशक्कत के बाद एक बंदर को पकड़ कर जंगल में ले जाकर छोड़ दिया है। वहीं दूसरे बंदर का उत्पात जारी है।
जंगल से भटक कर बंदर शहर में लगातार आ रहे हैं। कुछ दिन पूर्व भी एक बंदर ने शहर में घुस कर काफी उत्पात मचाया था। इसके बाद सोमवार की सुबह दो बंदर जंगल से भटक कर शहर में घुस गए और उत्पात मचाना शुरू कर दिया। इस दौरान एक बंदर ने समाजसेवी वंदना दत्ता के अलावा दो बच्चों को भी जख्मी कर दिया है।
वहीं बंदरों द्वारा करीब आधा दर्जन कुत्तों को भी काटे जाने की खबर है। बंदर के आतंक से शहर के लोग भयभीत हैं। सूचना पर स्नेक मैन सत्यम द्विवेदी ने काफी मशक्कत के बाद शहर के भ_ी रोड से एक बंदर को पकड़ कर जंगल में ले जाकर छोड़ दिया है। वहीं दूसरे बंदर का उत्पात जारी है।
अस्पताल में भी मचाया उत्पात
सोमवार की सुबह दो बंदर शहर में घुसे थे। एक बंदर को जंगल में छोड़े जाने के बाद दूसरा बंदर शहर में घुम-घुम कर उत्पात मचाता रहा। इस दौरान बंदर शहर के नवापारा शहरी स्वास्थ्य केन्द्र में घुस गया और उत्पात मचाना शुरू कर दिया। अस्पताल परिसर में टेबल पर दवाइयां व अन्य सामान को बर्बाद कर दिया है। बंदर के उत्पात के कारण अस्पताल के स्टाफ व मरीज परेशान रहे।
जानवरों को पकडऩे किट की व्यवस्था नहीं
स्नेक मैन सत्यम द्विवेदी ने बताया कि काफी मशक्कत के बाद नेट द्वारा एक बंदर को तो पकड़ लिया गया है। पर दूसरे बंदर को पकडऩे के लिए काफी मशक्कत की गई पर सफलता नहीं मिली। बंदर व अन्य खुंखार जानवरों को पकडऩे के लिए किट की व्यवस्था नहीं होने के कारण परेशानी होती है।
Published on:
07 Sept 2022 09:33 pm
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