विवेचना में पता चला की 3 मार्च की रात से 4 मार्च की सुबह के बीच मृतक का अजय पैकरा, छत्रपाल और एक विधि से संघर्षरत बालक के साथ पैसे के लेन-देन को लेकर विवाद हो गया था। विवाद बढऩे पर तीनों ने गाली-गलौज करते हुए बांस के डंडे, हाथ-मुक्कों और लात से मारपीट कर से गंभीर चोट पहुंचाई, जिससे युवक की मौत (Blind murder) हो गई थी।