नवरात्र में इस बार माता रानी के होंगे ऑनलाइन दर्शन, मंदिरों में प्रज्ज्वलित होंगे मनोकामना ज्योति कलश

Navratri 2020: कोरोना के कारण महामाया मंदिर (Mahamaya temple) जाकर दर्शन नहीं कर सकेंगे श्रद्धालु, सभी मंदिरों में कोविड के नियमों के साथ मनेगा शारदीय नवरात्र (Shardiya Navratra)

By: rampravesh vishwakarma

Published: 16 Oct 2020, 09:45 PM IST

अंबिकापुर. कोरोना काल में शारदीय नवरात्र (Navratri 2020) कोविड के नियमों के साथ मनाया जाएगा। मंदिरों व दुर्गा पंडालों में शासन द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। देवी मंदिरों में नवरात्र की तैयारी पूरी हो चुकी है। साथ ही पंडालों का निर्माण भी शुरू हो गया है। इस वर्ष श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर देवी के दर्शन नहीं कर सकेंगे।

मातारानी का दर्शन लोग ऑनलाइन (Online seen) व सोशल मीडिया के सहारे ही कर सकेंगे। वहीं महामाया मंदिर में 4500 अखंड मनोकामना ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। शहर के इस प्रमुख मंदिर के साथ गांधी चौक स्थित दुर्गा मंदिर शक्तिपीठ सहित समस्त देवी मंदिरों में भी 16 सौ ज्योति कलश प्रज्ज्वलित होंगे।


शनिवार से शारदीय नवरात्र की शुरुआत हो जाएगी। कोरोना संक्रमण के चलते इस वर्ष नवरात्र महोत्सव सादगी पूर्ण ढंग से मनाया जाएगा। गरबा, डांडिया, जगराता व जुलूस जैसे कार्यक्रमों के आयोजन पर प्रशासन ने रोक लगा दिया है। साथ ही भंडारा, कन्या भोज जैसे आदि कार्यक्रमों पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।

मंदिरों, दुर्गा पंडालों में शारीरिक दूरी के नियम पालन व मास्क लगाना अनिवार्य होगा। शहर के महामाया मंदिर सहित देवी के अन्य मंदिर में माता के ज्योति कलश के साथ भक्तों के मनोकामना ज्योति कलश भी प्रज्ज्वलित किया जाएगा। महामाया मंदिर ट्रस्ट ने ज्योति कलश प्रज्ज्वलन के लिए सारी तैयारियां पूरी कर ली है।

नवरात्र में इस बार माता रानी के होंगे ऑनलाइन दर्शन, मंदिरों में प्रज्ज्वलित होंगे मनोकामना ज्योति कलश

लेकिन इस वर्ष श्रद्धालु मां महामाया का दर्शन मंदिर जाकर नहीं कर सकेंगे। हालांकि महामाया मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन के जरिये देवी के दर्शन करने की विशेष व्यवस्था की है।

सुबह शाम आरती के दौरान दो-दो घंटे लाइव प्रसारण होगा। वहीं सोशल मीडिया (Social Media) पर भी भक्त दर्शन कर सकते हैं। नवरात्र (Navratri) शुरू होने से पूर्व शुक्रवार को मंदिरों की साफ -सफाई व रंगरोगन का कार्य भी लगभग पूर्ण हो चुका है।


पिछले वर्ष की तुलना में कम जलेंगे ज्योति कलश
महामाया मंदिर के पुजारी जयशंकर पांडेय उर्फ रामू महाराज ने बताया कि महामाया मंदिर में इस वर्ष ज्योति कलाश प्रज्ज्वलित करने के लिए नई रशीद नहीं काटी गई है। चैत्र नवरात्र में भी कोरोना काल के कारण ज्योति कलश प्रज्ज्वलित नहीं किए जा सके थे। इस कारण वही ज्योति कलश (Jyoti Kalash) शारदीय नवरात्र में प्रज्ज्वलित किए जाएंगे।

इस वर्ष 22 सौ घृत व 23 तेल के ज्योति कलश प्रज्ज्वलित होंगे। वहीं शहर के दुर्गा मंदिर में भी 3 सौ घृत व 13 सौ तेल के मनोकामना ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। जबकि पिछले वर्ष शारदीय नवरात्र में महामाया मंदिर में 51 सौ ज्योति कलाश प्रज्जवलित किए गए थे।

महंत जयशंकर पांडेय उर्फ रामू महाराज ने बताया कि कलश स्थापना व मनोकामना ज्योति कलश के लिए शनिवार की सुबह 11 बजे से 12.28 बजे तक शुभ मुहूर्त है।

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काफी कम स्थान पर बनाए गए हैं दुर्गा पंडाल
वहीं इस वर्ष शहर में दुर्गा पंडालों की संख्या कम नजर आएगी। शहर में जहां हर वर्ष कई जगहों पर माता दुर्गा की प्रतिमा की स्थापना की जाती थी। लेकिन इस वर्ष शहर में कुछ ही जगहों पर ही माता दुर्गा पंडालों में विराजी नजर आएंगीं। दुर्गा पंडालों में श्रद्धालु कड़ाई से नियमों का पालन कर सकें, इसे देखते हुए पुलिस बल भी तैनात किया जाएगा।


दुकानदारों पर पड़ा असर
कोरोना संक्रमण की वजह से शारदीय नवरात्रि (Shardiya Navratra) पर्व के अवसर पर देवी के मंदिरों में रौनक फीकी रहेगी। कड़े नियमों के कारण श्रद्धालु देवी के दर्शन करने मंदिर नहीं जाएंगे। इसका असर पूजा सामग्री बेचने वाले दुकानदारों पर भी पड़ेगा। दुकान संचालकों का कहना है कि इस वर्ष व्यापार पर बुरा असर पड़ा है।

व्यापार में 90 प्रतिशत तक गिरावट आई है। दुकान मेन्टेन करना भी मुश्किल हो गया। है। दुकानदारों को उम्मीद थी कि नवरात्रि पर्व को देखते हुए प्रशासन कुछ छूट देने पर विचार करेगा। लेकिन प्रशासन ने और भी सख्ती बढ़ा दी। इस वजह से व्यापार पूरी तरह से चौपट हो गया।

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