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8 दिन से जारी है विवि के अनियमित कर्मचारियों की हड़ताल, अब प्राध्यापक भी गए सामूहिक अवकाश पर

Indefinite Strike: 10 साल से कलेक्टर दर पर कार्य कर रहे संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के अनियमित कर्मचारी कार्यभारित करने का आदेश जारी करने की कर रहे मांग, इपीएफ राशि की वसूली के नाम से कटौती से भी है आक्रोश

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Indefinite strike by irregular employees

अंबिकापुर. Indefinite Strike: संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के अनियमित कर्मचारी पिछले ८ दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। वे कार्यभारित कर्मचारी घोषित किए जाने की मांग कर रहे हैं। इससे विश्वविद्यालय का कामकाज प्रभावित हो गया है। कर्मचारियों के समर्थन में कलेक्टर दर पर कार्य कर रहे कर्मचारी भी इस हड़ताल में शामिल हो गए हैं। वहीं मंगलवार से विश्वविद्यालय के शिक्षण विभाग के प्राध्यापक भी अपनी लंबित मांगों को लेकर सामूहिक अवकाश पर चले गए हैं।


छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालय अनियमित कर्मचारी संघ का कहना है कि कर्मचारी संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय में १० साल से अधिक समय से कलेक्टर दर पर कार्य कर रहे हैं। कर्मचारियों को कार्यभारित करने का कार्य परिषद द्वारा निर्णय लिया गया था।

इसके बाद भी विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों को कार्यभारित करने का आदेश जारी नहीं किया जा रहा है। कर्मचारियों के वेतन से अवैध रूप से ईपीएफ राशि की वसूली के नाम से की जा रही कटौती के कारण कर्मचारियों में आक्रोश है।

विश्वविद्यालय अंतर्गत 100 से ज्यादा कर्मचारी हैं जो कलेक्टर दर पर नियुक्त हैं। इनके अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने से परीक्षा परिणाम, माइगे्रशन, पुनर्मुल्यांकन सहित अन्य काम ठप पड़े हैं।

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विवि के प्राध्यापक सामूहिक अवकाश पर
इधर संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के शिक्षण विभाग के प्राध्यापक अपनी लंबित मांगों को लेकर सामूहिक अवकाश पर चले गए हैं। इनकी मांगें हैं कि सभी सहायक प्राध्यापकों की सत्र 2016-17 एवं 2017-18 की मतांकित गोपनीय चरित्रावली विश्वविद्यालय से गायब हो गई है।

इससे सभी सहायक प्राध्यापकों का भविष्य अधर में है। गोपनीय चरित्रावली के आधार पर ही प्रोन्नति दी जाती है। परिवीक्षा अवधि पूर्ण किए जाने के बावजूद भी प्राध्यापकों के स्थायीकरण का आदेश जारी नहीं किया गया है। इस वजह से विश्वविद्यालय के शिक्षण विभाग के प्राध्यापक सामूहिक अवकाश पर चले गए हैं। इससे विश्वविद्यालय का शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है।

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