
NCB team uprooted opium cultivation (Photo- Patrika)
अंबिकापुर। दुर्ग जिले के बाद बलरामपुर जिले के कुसमी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सरनाटोली में 10 मार्च को अफीम की खेती का भंडाफोड़ हुआ था। झारखंड के एक व्यक्ति द्वारा जशपुर जिले के ग्राम पंचायत राझाडीपा के पूर्व सरपंच की निगरानी में खेती कराई जा रही थी। सूचना पर पुलिस व प्रशासन की टीम (Opium cultivation in Balrampur) मौके पर पहुंची थी और कार्रवाई शुरु की। पुलिस ने खेत में काम कर रहे 5 लोगों को हिरासत में लिया है। ये सभी झारखंड के बताए जा रहे हैं। वहीं एनसीबी (नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो) की टीम ने अफीम के पौधे उखड़वाए। इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई। वहीं त्रिपुरी पंचायत के सरपंच का कहना है कि उसने जनवरी में ही अफीम की खेती की सूचना फोटो समेत कुसमी पुलिस को दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कुसमी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत त्रिपुरी के सरनाटोली निवासी रूपदेव भगत पिता ठाकुर राम व कौशिल भगत पिता रुंगु की ढाई एकड़ से अधिक जमीन पर झारखंड के एक व्यक्ति ने लीज पर ली है। यह इलाका झारखंड व जशपुर जिले के आस्ता थाना क्षेत्र से लगा हुआ है। फूलों की खेती करने के नाम पर वहां अफीम की खेती (Opium cultivation in Balrampur) की गई।
बताया जा रहा है कि जशपुर जिले के राझाडीपा पंचायत के भाजपा समर्थित पूर्व सरपंच जिरमल राम के जरिए जमीन उसने लीज (Opium cultivation in Balrampur) पर ली थी। वह यहां नहीं आता था।
अफीम की खेती की निगरानी पूर्व सरपंच जिरमल राम ही करता था, खेती व अफीम के पौधों की देखभाल के लिए झारखंड से लोगों को बुलाया गया था। अफीम के पौधे (Opium cultivation in Balrampur) में कई कट भी लगे मिले हैं, इससे आशंका जताई जा रही है कि इसकी तस्करी भी की जा चुकी है। वर्तमान में भी कई पौधों में कट लगे मिले हैं।
अफीम की खेती (Opium cultivation in Balrampur) कराए जाने का मामला सामने आने के बाद मंगलवार की सुबह कुसमी, शंकरगढ़, सामरी व जशपुर जिले के आस्ता थाने की पुलिस तथा कुसमी एसडीएम अनमोल विवेक टोप्पो, एसडीओपी आशीष कुंजाम, टीआई विरासत कुजूर, व तहसीलदार राकी इक्का दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे थे। वहीं सूचना पर पहुंची एनसीबी की टीम ने मजदूर लगाकर अफीम के पौधे उखड़वाए। पौधे से भारी मात्रा में डोडे भी जब्त किए गए हैं।
इधर मामले (Opium cultivation in Balrampur) को लेकर त्रिपुरी सरपंच फेकुंदर नाग का कहना है कि कुछ ग्रामीणों ने उसे जनवरी माह में ही अफीम की खेती की सूचना फोटो सहित व्हाट्सएप पर भेजी थी। इसकी सूचना उसने कुसमी पुलिस को दी थी, लेकिन पुलिस ने दिखवाते हैं कहकर पल्ला झाड़ लिया था।
पुलिस की टीम ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की, अन्यथा मामला 2 महीने पहले ही पकड़ा जाता। अब मामला सामने आने के बाद कार्रवाई की जा रही है। मामले में बलरामपुर कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने भी कार्रवाई की बात कही है।
Published on:
11 Mar 2026 05:32 pm
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