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साउथ अफ्रीका और दार्जिलिंग में मिलने वाले पौधे भी लगने थे इस पार्क में, ठेकेदार ने कर दिया बड़ा खेल

निगम के सेनेटरी पार्क में पौधे लगाने के नाम पर सेटिंग कर की लाखों रुपए की गड़बड़ी, पौधों की प्रजाति के साथ ही लंबाई-मोटाई में भी की गई गड़बड़ी

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Plants in park

Plants in senetary park

अंबिकापुर. सेनेटरी पार्क को हरा-भरा करने के लिए यहां उद्यान निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई थी। उद्यान तो बना, लेकिन ठेकेदार द्वारा जिस प्रजाति व दर का पौधा लगाए जाने का दावा किया गया, वह पार्क में कहीं नजर नहीं आ रहा है। कार्यादेश में ऐसे पौधों को भी शामिल किया गया था जो साउथ अफ्रीका व दार्जिलिंग में ही मिलते हैं, लेकिन ये पौधे भी पार्क में नजर नहीं आ रहे।

अधिकारियों व ठेकेदार की मिलीभगत से आबंटित राशि का यहां जमकर बंदरबाट हुआ। पिछली सामान्य सभा की बैठक में भाजपा पार्षदों ने इसे जमकर उछाला था, तब कहीं जाकर सेनेटरी पार्क में लगे पौधों की स्थिति, प्रजाति व दर की जांच के निर्देश दिए गए थे। लेकिन अब तक न तो कमेटी का पता है और न ही जांच रिपोर्ट की किसी को जानकारी है।

संजय पार्क, वाटर पार्क के अलावा शहरवासियों के लिए नगर निगम द्वारा सेनेटरी पार्क में एक उद्यान निर्माण की अनुमति प्रदान की गई थी। इसके लिए शासन स्तर पर मिले १८.८३ लाख रुपए का बजट भी निगम को प्रदान किया गया था। इसकी निविदा भी ओम मार्केटिंग को प्रदान की गई थी। लेकिन ठेकेदार ने अधिकारियों से मिलीभगत कर पार्क में जिस प्रजाति व जिस स्तर का पौधा लगाया जाना था वह नहीं लगाया। सेनेटरी पार्क में 75 रुपए से 1300 रुपए तक के पौधे लगाए जाने का ऑर्डर दिया गया था।

लेकिन ठेकेदार ने पौधा लगाने के दौरान सूखे पौधे तक लगाकर उसका बिल भुगतान के लिए पेश कर दिया। कई ऐसे पौधे लगाए गए है जो मानक को भी पूरा नहीं करते हैं। सेनेटरी पार्क निर्माण में जमकर गड़बड़ी की गई है लेकिन यह अधिकारियों की नजर में नहीं आया। जबकि सेनेटरी पार्क में जिले के आला अधिकारियों से लेकर प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर के अधिकारी अब तक पहुंच चुके हैं।


कई पौधे लगे भी नहीं
कई ऐसे पौधों के नाम कार्यादेश में शामिल है। जो काफी मंहगे पौधे हैं लेकिन इन पौधों को सेनेटरी पार्क उद्यान में ठेकेदार द्वारा लगाया ही नहीं गया है। इसकी जानकारी तक वहां काम करने वाले अधिकारियों अथवा कर्मचारियों द्वारा देना भी जरूरी नहीं समझा गया।


सामान्य सभा में उठा चुके हैं सवाल
पिछले सामान्य सभा में भाजपा पार्षद मधुसूदन शुक्ला व संजय अग्रवाल ने सेनेटरी पार्क में लगे पौधे की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए थे। इस पर सभापति ने जांच के आदेश भी दिए थे लेकिन आज तक इस मुद्दे पर जांच हेतु कोई कमेटी बनाई गई अथवा नहीं, इसकी जानकारी तक किसी को नहीं है।


निर्धारित ऊंचाई भी नहीं है पौधों की
कार्यादेश में जिस ऊंचाई का पौधा लगाने को कहा गया है। वह पूरे पार्क में नजर नहीं आता है। कार्यादेश के अनुसार यहां 2 फिट से 10 फिट तक ऊंचाई के पौधे लगाए जाने थे। ऊंचाई के साथ यहां पौधों की मोटाई भी तय थी। लेकिन वह मोटाई किसी भी पौधों में नजर नहीं आती है।


ऐसे पौधे लगाए जाने का दिया आदेश जो उपलब्ध ही नहीं
निगम द्वारा ठेकेदार को जो कार्य आदेश दिया गया है वह उसके अनुसार तय है। इसमें कई ऐसे पौधों का जिक्र है जो प्रदेश में भी उपलब्ध नहीं है। वे मंहगे पौधे दक्षिण भारत सहित दार्जिलिंग में उपलब्ध हैं।


कार्रवाई करने के बदले दिए बदलने के आदेश
जब यह मामला सामने आया तो आनन-फानन में निगम के अधिकारियों ने सेनेटरी पार्क का निरीक्षण किया। उन्होंने देखा कि भाजपा पार्षदों का आरोप सही है तो ठेकेदार को सूख चुके पौधों को बदलने का आदेश दिया। इसके साथ ही कार्यादेश के अनुसार एक-एक पौधे का मिलान कराने का दावा किया जा रहा है।


ठेकेदार को पौधे बदलने कहा गया है
मामले में ठेकेदार को पौधों को बदलने को कहा गया है। जो पौधे लगे हैं, उसका ही भुगतान निगम द्वारा किया जाएगा।
प्रमोद दुबे, ईई नगर निगम