
PM Modi tweet
अंबिकापुर.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सिंगल यूज पॉलीथिन प्रतिबंधित करने की अपील की गई थी, लेकिन कई उद्योगपति इसका आज भी पालन नहीं कर रहे है। होलीक्रॉस हायर सेकेंड्री स्कूल के सैकड़ों विद्यार्थियों ने इसे पिछले वर्ष से एक अभियान के तौर पर लेकर पर्यावरण संरक्षित करने के दिशा में काम किया था।
विद्यार्थियों के इस काम को देखते हुए नए साल की पहली शाम प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर इसे मानव जीवन में एक सार्थक पहल बताया है। (PM Modi tweet)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब सिंगल यूज पॉलीथिन को देश में प्रतिबंधित करने का आह्वान किया था। तब उन्होंने भी नहीं सोचा था कि उनके इस आह्वान को बच्चों का समर्थन भी मिलेगा। अंबिकापुर हॉलीक्रॉस हायर सेंकेण्ड्री स्कूल के छात्र-छात्राओं ने पिछले वर्ष से एक अभियान की शुरूआत की।
वे वर्षभर शहर के सभी प्रमुख स्थलों व भीड़-भाड़ वाले जगहों से देश-विदेश के मल्टीनेशनल कम्पनियों के प्लास्टिक रैपर एकत्रित करते हैं।
इस अभियान के तहत एकत्रित पॉलीथिन को बच्चों द्वारा पहले अलग-अलग किया जाता है, इसके बाद उसे कम्पनी के अनुसार पैकेट बनाकर संबंधित कम्पनी के मल्टीनेशनल कार्यालयों में डाक के माध्यम से भेजा जाता है। बच्चों के इस अभियान की हर किसी ने सराहना की है।
बच्चों की पहल है सार्थक
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जब बच्चों के इस पहल की जानकारी मिली तो उन्होंने बुधवार की शाम इसे लेकर ट्वीट किया है। उन्होंने अपने ट्वीट में बच्चों के कार्य को सराहना करते हुए लिखा है कि पिछले वर्ष से बच्चों ने सिंगल यूज पॉलीथिन बंद करने की दिशा में एक सार्थक पहल की है।
हालांकि इस दिशा में अब तक उन्हें कोई सफलता नहीं मिली है। इसके बावजूद वे अपना काम निरंतर जारी रखे हुए हैं। वे सिंगल यूज पॉलीथिन प्रतिबंधित करने की दिशा में प्रयासरत हैं।
मल्टीनेशनल कम्पनियां बच्चों के अभियान का कर रही हैंं विरोध
बच्चों का कहना है कि पूरे वर्ष स्थानीय पॉलीथिन निर्माताओं द्वारा सिंगल यूज पॉलीथिन का निर्माण नहीं किया जाता है। जबकि मल्टीनेशनल कम्पनियों द्वारा रैपर का उपयोग बंद नहीं किया जा रहा है। इन बड़ी कम्पनियों के रैपर को एकत्रित कर क्रिसमस व नये वर्ष में गिफ्ट पैकेट बनाकर उनके कार्यालय भेजा जाता है।
कई बार मल्टीनेशनल कम्पनियों के कार्यालय से फोन भी आ चुकें हैं कि यह सब क्या हो रहा है। कई बार उन्हें सीधे धमकी भी मिल चुकी है।
आर्ट के रूप में रैपर का किया उपयोग
बच्चों ने बताया कि इस वर्ष जो भी रैपर एकत्रित हुआ था। उसको आर्ट के रूप में इस वर्ष उपयोग किया गया था। उन्हें ही क्रिसमस व नव वर्ष के उपलक्ष्य में मल्टीनेशनल कम्पनियों को भेजा गया था। बच्चों ने इसके साथ ही स्कूल में फेंके गए रबर व पैंसिल को एकत्रित कर रियूज करने लायक बनाया है।
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Published on:
01 Jan 2020 09:32 pm
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