
Police family rally
अंबिकापुर. छत्तीसगढ़ पुलिस परिवार के सदस्यों ने रैली निकाल कर बुधवार को सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। विरोध को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार की रात सभी पुलिसकर्मियों की बैठक लेकर उनसे शपथ-पत्र भी भरवाया था। इसके बावजूद पुलिस परिवार के सभी सदस्यों ने बुधवार की सुबह 11 बजे बंगाली चौक से रैली निकाल विरोध प्रदर्शन किया।
पुलिस के अधिकारी उन्हें जगह-जगह रोकने का प्रयास भी करते रहे। इधर पुलिस लाइन कॉलोनी में महिलाओं को रोकने बल तैनात था लेकिन वे पीछे की दीवार फांदकर रैली में शामिल हुईं।
वहीं नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने भी पुलिस परिवार के सदस्यों के विरोध का समर्थन करते हुए कहा कि अगर पुलिस कर्मचारियों की पत्नियों को भत्ता बढ़ाने की मांग करनी पड़े और उन्हें जवानों के लिए हथियार की मांग करनी पड़े तो इस सरकार को बने रहने का अधिकार नहीं है। पुलिस परिवार के सदस्यों ने नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव की उपस्थिति में एसडीएम व सीएसपी को 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन भी सौंपा।
पुलिस कर्मचारियों के परिवार के सदस्य अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर बुधवार को बंगाली चौक से रैली निकाल विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की थी। इसकी जानकारी लगते ही मंगलवार को पुलिस विभाग के आला अधिकारियों ने कंट्रोल रूम में सभी आरक्षकों की बैठक कर उन्हें समझाइश दी और कहा कि जिस भी आरक्षक के परिवार के लोग आंदोलन में शामिल होंगे, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने पुलिस कर्मचारियों से इस संबंध में शपथ-पत्र भी भरवाया था। विरोध को ध्यान में रखते हुए पुलिस रक्षित केंद्र जहां पुलिस विभाग का कॉलोनी भी है, वहां पुलिस परिवार के सदस्यों को रोकने के लिए बल भी तैनात किया गया था।
इसके बावजूद पुलिस कर्मचारियों के परिवार के सदस्य किसी तरह मुख्य गेट पर खड़े पुलिस बल के लोगों को चकमा देकर बंगाली चौक पर पहुंच गए। वहां पहले से आंदोलकर्ताओं को रोकने के लिए खड़े एसडीएम अजय त्रिपाठी व सीएसपी आरएन यादव ने उन्हें समझाने का प्रयास किया।
एसडीएम ने कहा कि आपके परिवार के लोग फोर्स में हैं और आप सभी बाकी लोगों की तरह आंदोलन नहीं कर सकते हैं। इससे फायदा नहीं होगा। लेकिन जवानों की पत्नियों ने अपनी पीड़ा सुनाते हुए रैली की शक्ल में शहर के मुख्य मार्ग से कलक्टोरेट पहुंच गई। जहां उन्होंने एसडीएम अजय त्रिपाठी व सीएसपी आरएन यादव को 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।
एसडीएम ने ज्ञापन को शासन को भेजने की बात कही। इस दौरान पुलिस कर्मचारियों के परिवार के लोग हाथो में तख्ती व छोटे-छोटे बच्चों को गोद में लेकर तपती धूप में रैली निकाल विरोध जताया। तख्ती में लिखा हुआ था कि प्रत्येक बूथ पर तो हम होंगे, लेकिन कसम से वोट नहीं देंगे।
दीवार फांद पहुंचे आंदोलन करने
रक्षित केंद्र के मुख्य गेट से सिर्फ वर्दी वाले कर्मचारियों को जाने की अनुमति दी गई थी। मुख्य गेट से जाने की अनुमति नहीं होने की वजह से कॉलोनी के पीछे स्थित दीवार फांद कर बंगाली चौक पहुंचे। शुरूआत में काफी कम संख्या में महिलाएं थीं लेकिन जैसे-जैसे आगे रैली बढ़ी, बीच-बीच से महिलाएं निकलकर उसमें शामिल हुई।
जगह-जगह हुआ रोकने का प्रयास
कोतवाली टीआई सहित अन्य पुलिस अधिकारियों ने परिवार के सदस्यों को रोककर समझाइश देने का प्रयास किया गया। टीआई ने जगह-जगह रोककर यह समझाने का प्रयास किया कि आंदोलन से उन्हें कोई फायदा नहीं होगा लेकिन महिलाएं नहीं मानीं और रैली आगे बढ़ा दी।
आरक्षकों को हटाया ड्यूटी से
पुलिस रक्षित केंद्र तक रैली को रोकने के लिए आरक्षकों को लगाया गया था। लेकिन रक्षित केंद्र के पास से आरक्षकों की ड्यूटी समाप्त कर दी गई। अधिकारियों के अनुसार आरक्षक आंदोलनकर्ता को रोकने की बजाय उनका ही समर्थन कर रहे थे।
सरकार को बने रहने का अधिकार नहीं
नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव पुलिस परिवार के सदस्यों के आंदोलन का समर्थन करते हुए रैली में शामिल हुए। उन्होंने पुलिस परिवार के सदस्यों के साथ एसडीएम से मुलाकात की और कहा कि इनकी मांग जायज हैं और उन्हें सुना जाना चाहिए।
इस दौरान उन्होनें कहा कि पुलिस जवानों की पत्नियों को अगर उनके भत्ता, शहीद का दर्जा देने व उनकी सुरक्षा के लिए अगर बुलेट प्रूफ जैकेट की मांग करना पड़े तो इससे शर्म की बात और कुछ नहीं हो सकती है। प्रदेश की ऐसी सरकार को बने रहने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार पुलिस कर्मचारियों से २४ घंटे ड्यूटी लेती है। उन्हें भी अन्य कर्मचारियों की तरह अवकाश प्राप्त करने का अधिकार है।
ये हैं मांगें
पुलिस कर्मचारियों के वेतन व भत्ते केंद्र सरकार के तृतीय कर्मचारियों की तरह
आवास की समुचित व्यवस्था उपलब्ध बल के अनुरूप की जाए
पेट्रोल भत्ता 3000 रुपए
Duty के दौरान मरने वाले कर्मचारियों को शहीद का दर्जा
अवकाश की पात्रता अन्य विभागों की तरह
पुलिस कर्मचारियों के परिवार के मुफ्त इलाज की व्यवस्था
ड्यूटी करने का समय 8 घंटे निश्चित हो
माओवादी प्रभावित जिलों में तैनात बल को उच्च मानक के सुरक्षा उपकरण बुलेट प्रूफ जैकेट व अत्याधुनिक हथियार उपलब्ध कराया जाए
मध्यप्रदेश की तरह वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति दिया जाए
तृतीय वर्ग कर्मचारियों के ग्रेड-पे में अंतर को समाप्त कर जवानों का ग्रेड-पे भी 2800 रुपए किया जाए
Updated on:
22 Jun 2018 02:39 pm
Published on:
20 Jun 2018 10:14 pm
बड़ी खबरें
View Allअंबिकापुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
