
Police wives in rally
बैकुंठपुर. पुलिस जवानों की पत्नियां व माताएं बुधवार को विभिन्न मांगों को लेकर चिलचिलाती धूप में बच्चों को गोद में लेकर पैदल रैली में शामिल हुईं। उन्होंने 11 सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्टोरेट का घेराव किया तथा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान नेशनल हाइवे-43 को करीब आधा घंटे तक जाम कर राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए। इधर पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने 10 पुलिसकर्मियों को नोटिस जारी किया है।
छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में कार्य करने वाले जवानों को नाममात्र का भत्ता देने से नाराज मां, पत्नी सहित बाल-बच्चों ने चिलचिलाती धूप में विरोध स्वरूप रैली निकालकर मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के नाम ज्ञापन सौंपा। जिलेभर से पुलिस जवान के परिजन दोपहर करीब 12 बजे छिंदडांड मंडी प्रांगण में एकत्रित हुए।
इस दौरान माताएं, बहन व पत्नियां अपने नन्ने-मुन्ने बच्चों को गोद में लेकर चिलचिलाती धूप में रैली निकाली और नारेबाजी कर करीब ५०० मीटर पैदल चलकर कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर पहुंचीं। जिला व पुलिस प्रशासन ने विरोध प्रदर्शन को ध्यान में रखकर पहले ही बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया था।
इससे विरोध प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को मुख्य द्वार के सामने ही रोक लिया गया। यहां एसडीएम बैकुंठपुर ने पहुंचकर महिलाओं का ज्ञापन लिया।
गौरतलब है कि पुलिस के आला अधिकारी एक दिन पहले आधी रात तक विरोध प्रदर्शन करने और रैली निकालने से रोकने के लिए बैठक लेकर समझाइश देने व पुलिस लाइन से बाहर नहीं निकलने देने की चर्चाएं थी। बावजूद महिलाओं ने हिम्मत कर कलेक्टोरेट का घेराव कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
महिलाएं बोलीं- ब्रिटिश शासन का नियम तोड़ो, पेंशन वेतन भत्ता जोड़ो
छिंदडांड स्थित मण्डी परिसर में जिलेभर की महिलाएं एकत्रित हुई। इस दौरान समाजसेवक व अधिवक्ता एलआर रवि ने महिलाओं का समर्थन करने पहुंचे और सभा को संबोधित कर कहा कि महिलाओं की जायज मांग व हक की लड़ाई लडऩे में हमेशा खड़ा रहेगा। जिला मुख्यालय, राजधानी रायपुर और राजधानी दिल्ली तक तक कदम से कदम मिलाकर साथ देने का आश्वासन दिया है।
कांग्रेस सहित अन्य राजनीति दल का मिला समर्थन
पुलिस जवानों के परिजन की रैली व आमसभा में कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष गुलाब कमरो, पार्षद लल्ला यादव, पूर्व पार्षद विजय सिंह ठाकुर, कांग्रेस असंगठित मजूदर संघ के संयोजक निलेश पाण्डेय सहित विभिन्न राजनीति दल के पदाधिकारी व कार्यकर्ता पहुंचे। इस दौरान आंदोलन का समर्थन कर आमसभा स्थल से रैली में शामिल होकर कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर पहुंचे और प्रशासनिक अधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
तख्ती में कुछ ऐसे नारे लिखे थे
- पुलिस जवान को नहीं अवकाश, हम परिजन सदा रहते निराश।
- अब पुलिस की बारी है, आजादी की तैयारी है।
- मांगें जो न हुई पूरी तो हम इस सरकार से बना लेंगे दूरी।
- डिजिटल इंडिया की यही पहचान, साइकिल से ड्यूटी करे पुलिस जवान।
- पुलिस को सिखा कर अनुशासन, सरकार खा रही कमीशन।
- चली अब आंधी-तूफान है, पुलिस भी इंसान हैं।
10 पुलिस जवान को नोटिस, कुल 37 चिह्नित!
जानकारी के अनुसार रैली निकालने से एक पहले एसडीएम कार्यालय में हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपकर अनुमति मांगने वाले परिजनों के 10 पुलिस जवान को कारण बताओ नोटिस जारी कर 7 दिन के भीतर जवाब मांगा गया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से बुधवार को कुल 7 जवान को नोटिस भेजने की बात कही जा रही है।
वहीं कुल 37 जवान को नोटिस देने के लिए चिह्ति किया गया है। नोटिस में लिखा है कि विभिन्न माध्यम से 26 जून को पुलिस कर्मचारी व परिजनों द्वारा राजधानी रायपुर में धरना प्रदर्शन का आह्वान कर प्रचारित किया जा रहा हैए जो कि छत्तीसगढ़ सेवा आचरण नियम 3(28)(12) के अनुसार यह कदाचरण की श्रेणी में आता है।
भारतीय संविधान की कंडिका 311 के खंड (2)के परंतुक के उपखंड ख के अधीन प्रदत्त शक्तियों के आधार पर कार्रवाई प्रस्तावित है। आप कारण बताएं कि क्यों न आपको सेवा से पदच्युत किया जाए।
Updated on:
22 Jun 2018 02:38 pm
Published on:
20 Jun 2018 07:48 pm
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