
Scientists of Delhi
अंबिकापुर. भारत सरकार के निर्देश पर सोमवार को सेन्ट्रल रिसर्च इस्टीट्यूट दिल्ली की टीम छत्तीसगढ़ के कुछ सड़कों का हाल जानने पहुंची। टीम ने राष्ट्रीय राज्य मार्ग में होने वाले दुर्घटनाओं व सेफ्टी के लिए किए गए उपायों को जानने का प्रयास किया।
टीम में 2 साइंटिस्ट शामिल हैं। दोनों ने अंबिकापुर-बनारस मार्ग का जायजा लिया। टीम के सदस्यों द्वारा कहा गया कि वे सड़क की रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपेंगे।
राष्ट्रीय राजमार्ग में होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए निर्माण एजेंसी अथवा प्रशासनिक स्तर पर क्या उपाय किए गए हैं। इस संबंध में केंद्र सरकार ने सेन्ट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट दिल्ली की टीम को 700 किमी सड़क के सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
केंद्र सरकार के निर्देश पर इंस्टीट्यूट के प्रिंसिपल साइंटिस्ट डॉ. के. रविन्द्र व डॉ. रमेश चंद्र मांझी पहुंचे। दोनों साइंटिस्ट के साथ लोक निर्माण विभाग के ईई डीपी अग्रवाल, एसडीओ विरेन्द्र चौधरी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। टीम के सदस्यों ने अंबिकापुर से बनारस मार्ग का सोमवार को निरीक्षण किया।
सूरजपुर जिले के बड़वार बॉर्डर तक निरीक्षण करने के बाद टीम द्वारा एक रिपोर्ट भी तैयार की गई। इस दौरान अधिकारियों की टीम ने सड़क में दुर्घटनाओं से बचाव के लिए अब तक निर्माण एजेंसी द्वारा किए गए उपायों को जाना।
टीम ने तैयार की रिपोर्ट
निरीक्षण के दौरान टीम को सड़क में काफी खामियां नजर आईं। सड़क में कइ्र जगह ऐसे गड्ढे मिले, जिसके कारण दुर्घटना की आशंका भी जताई गई। इसके साथ ही पुल-पुलिया के आसपास बनाए गए जिग-जैग के संबंध में भी जानकारी एकत्रित की गई। टीम ने पाया कि सड़क किनारे लोहे के रॉड नहीं लगाए गए हैं।
दिल्ली मेें सौंपेंगे रिपोर्ट
सरकार की गठित टीम द्वारा 700 किमी सड़क का निरीक्षण करने के बाद पूरी रिपोर्ट दिल्ली पहुंचकर सरकार को सौंपी जाएगी। इस रिपोर्ट के आधार पर केंद्र सरकार द्वारा राज्य सरकार को निर्देश जारी किया जाएगा।
Updated on:
1 Oct 2018, 8:50 PM IST
Published on:
1 Oct 2018, 8:50 PM IST
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