22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

एसडीएम-तहसीलदार के उड़ गए होश जब मैनपाट के गांव के हर घर में मिलीं ये घातक चीजें

बारिश के मौसम में डायरिया सहित अन्य बीमारियों से ग्रामीणों को बचाने कलक्टर के निर्देश पर अधिकारियों की टीम ने की कार्रवाई

3 min read
Google source verification
SDM and Tehsildar

Wine and hadiya

अंबिकापुर. कलक्टर के निर्देश पर प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग व पुलिस अमले ने मैनपाट के डायरिया प्रभावित क्षेत्र में जागरूकता अभियान चलाने के साथ ही घर-घर में बन रहे महुआ व चावल के हडिय़ा शराब को अपने सामने नष्ट कराया। इस दौरान टीम का नेतृत्व कर रहे सीतापुर एसडीएम ने कहा कि अब इंतजार नहीं कर सकते, कार्रवाई करने का समय आ गया है।

पूर्व में प्रशासन की टीम ने स्थानीय व्यपारियों को भी महुआ व हडिय़ा बनाने के सामग्री उपलब्ध कराने से मना किया था। इसके बाद भी ग्रामीणों को व्यापारियों द्वारा सभी सामान उपलब्ध कराया जा रहा है। रविवार को किए गए निरीक्षण व जागरूकता अभियान में मैनपाट का एक गांव ऐसा भी मिला, जहां हर घर में महुआ शराब व हडिय़ा शराब बनाई जा रही थी। यह देखकर अधिकारियों के होश उड़ गए।

मैनपाट के डायरिया प्रभावित क्षेत्र में मौसमी बीमारी फैलने से पूर्व ही इस वर्ष प्रशासनिक अमला सतर्कता बरत रहा है। रविवार को एसडीएम अतुल शेटे के नेतृत्व में तहसीलदार, स्वास्थ्य अमला व पुलिस अधिकारी ग्राम सुपलगा, पैगा व असगवां में पहुंचे। बारिश को ध्यान में रखते हुए मौसमी बीमारी से निपटने के लिए पहले से ही प्रशासन द्वारा गांव-गांव में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

ग्राम सुपलगा, पैगा व असगवां ऐसे गांव हैं, जहां हर वर्ष डायरिया व मलेरिया की वजह से लोगों की मौत हो जाती है। रविवार को जागरूकता अभियान के तहत संयुक्त अमला सबसे पहले सुपलगा पहुंचा। जहां उन्होंने ग्राम पंचायत के सचिव, आंगनबाड़ी की कार्यकर्ता, सहायिका व मितानिनों को लेकर एक-एक घर पहुंचकर जांच करने के साथ ही लोगों को साफ-सफाई से रहने की सलाह दी। इस दौरान जिस भी घर में महुआ शराब बना कर रखा गया था, उसे एसडीएम ने अपने सामने नष्ट कराया।

उन्होंने लोकल शराब हडिय़ा व उसको तैयार करने के लिए चावल व अन्य सामान भी बरामद किए। इसके साथ ही स्थानीय व्यापारियों के राशन दुकानों का भी निरीक्षण एसडीएम व अन्य अधिकारियों ने किया। दुकानों में साफ-सफाई रखने के निर्देश भी दिए गए।

इसके बाद टीम असगवां पहुंची, जहां उन्होंने एक-एक घर की जांच की और यहां भी बनाकर रखे गए महुआ व हडिय़ा शराब को नष्ट कराया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के कमलेश्वरपुर के मेडिकल ऑफिसर डॉ. मिथिलेश सिंह, पीएचई के उपयंत्री, लोकल वॉलेंटियर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व मितानिन शामिल थे।


माझी व मझवार बस्ती पर थी विशेष नजर
प्रशासनिक अमले पुराने रेकार्ड के आधार पार रविवार को किए गए कार्रवाई के दौरान पिछले कई वर्ष के रेकार्ड को ध्यान मेें रखकर जागरूकता अभियान चलाया था। रविवार को हुए जागरूकता अभियान के दौरान प्रशासनिक टीम की विशेष नजर मॉझी व मझवार बस्ती थी। उन्होंने सभी को सलाह दी कि साफ-सफाई रखने की सलाह दी गई।


पैगा के हर घर में मिला महुआ शराब
संयुक्त टीम के उस समय होश उड़ गए, जब वे पैगा के एक-एक घर का निरीक्षण कर रहे थे। मैनपाट का ग्राम पैगा में ऐसा कोई घर नहीं था, जहां ग्रामीण शराब व हडिय़ा नहीं बना रहे थे। एसडीएम अतुल शेटे के अनुसार यहां के घर-घर के चुल्हे में हडिय़ा व महुआ शराब बनाई जा रही थी। कुछ जगहों पर स्थिति यह थी कि महुआ में फफूंद लग गया था। इसके बावजूद ग्रामीण उसका सेवन कर रहे थे।


सुखा कर रखा था फफूंद लगा खुखड़ी
हर वर्ष मैनपाट के तीनों क्षेत्र में जंगली खुखड़ी खाकर लोगों का तबीयत बिगड़ जाती है। इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्र में जंगली खुखड़ी खाने का सिलसिला जारी है। खुखड़ी उखाड़कर ग्रामीण अपने घरों में रख देते हैं और नीचे चुल्हा जलाकर उसे ऊपर झुला बनाकर सुखाते हैं। इसमें फफूंद लग जाने की जानकारी भी ग्रामीणों को नहीं होती है। अधिकारियों के अनुसार अधिकांश क्षेत्रों में बिजली की व्यवस्था नहीं होने से भी वे फफूंद लगने की जानकारी नहीं ले पाते हैं।


नाले का पीते हैं पानी
एसडीएम ने बताया कि अधिकांश ग्रामीण मजदूरी का काम करते हैं लेकिन वे घर से पानी लेकर नहीं जाते हैं, खेत व नाले का पानी पी लेते हैं। इससे उनका स्वास्थ्य बिगड़ जाता है। रविवार को प्रशासनिक टीम ने क्षेत्र के सभी हैंडपंप की जांच कराई गई व क्लोरिन की गोलियां भी मिलवाई गईं, ताकि पानी पीने के बाद उनका स्वास्थ्य न बिगड़े। उन्होंने बताया कि इस दौरान स्वास्थ्य विभाग का मोबाइल वैन भी संचालित किया जा रहा था। तीनों गांव के प्रत्येक घर में जाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।