
Archaeological museum Ambikapur
अंबिकापुर. पुरातात्विक संपदा और ऐतिहासिक धरोहरों से परिपूर्ण सरगुजा जिले का पुरातत्व संग्रहालय इन दिनों अपने अस्तित्व पर आंसू बहा रहा है। शासन की उदासीनता के कारण पुरातत्व संग्रहालय का अस्तित्व संकट में दिख रहा है। यह बदहाल हो गया है।
डायरेक्टर पुरातत्व संग्रहालय रायपुर द्वारा अंबिकापुर पुरातत्व संग्रहालय की मरम्मत के लिए 37 लाख का फंड प्रशासन को मार्च महीने में ही जारी किया गया है। लेकिन अब तक धरोहरों को संरक्षित करने के लिए कोई पहल नहीं की गई है।
गौरतलब है कि अंबिकापुर के सरगवां में वर्ष 2013 में जिला पुरातत्व संग्रहालय का निर्माण करीब 2 करोड़ की लागत से किया गया था। जिला पुरातत्व संग्रहालय निर्माण के पीछे यह मंशा थी कि आसपास के ऐतिहासिक और पुरातात्विक धरोहर को यहां बेहतर तरीके से संजोकर रखा जाए।
पुरातत्व संग्रहालय में महेशपुर, हर्राटोला और डीपाडीह की करीब 20 पुरानी मूर्तियां रखीं गईं हैं। यहां भोरमदेव और पाली के प्राचीनकाल मंदिर की प्रतिमूर्ति तैयार की गई है। बहरहाल सारी सुविधाएं विकसित होने के बाद भी यहां पुरातात्विक चीजों के संग्रहण पर किसी ने ध्यान नहीं दिया।
बजट की कमी से स्थिति आज यह हो गई है कि जिला पुरातत्व संग्रहालय के अस्तित्व पर संकट खड़ा हो गया है। झाडिय़ों और खरपतवार से घिरे संग्रहालय को देख यही लगता है कि करोड़ों की राशि व्यर्थ चली गई।
सरगुजा की लोक संस्कृति को किया गया है प्रदर्शित
जिला पुरातत्व संग्रहालय के भीतर सरगुजा की लोक संस्कृति को प्रदर्शित करते हुए रजवार कला उसकी संस्कृति, कोरवा और पंडो जनजाति के रहन-सहन और उनके रीति रिवाजों को घरों के रूप में दर्शाया गया है। यह घर उसी तरह हैं, जैसे यह जनजाति अपने इलाकों में बनाकर रहती है।
अब ये घर धीरे-धीरे बदहाल हो रहे हैं। पुरातत्व संग्रहालय में प्राचीन काल की मूर्तियों को संग्रहित कर लोगों के देखने के लिए यहां आठ गैलरी बनाई गई है। लेकिन रखरखाव व मरम्मत के अभाव में यह खराब हो रहे हैं। नियमित सफाई न होने के कारण मूर्तियां व गैलरी धूल से पटी हैं।
कभी-कभी ही पहुंचते हैं लोग
सरगुजा संभाग की लोक संस्कृति को जीवित रखने के लिए शासन द्वारा पुरातत्व संग्रहालय का निर्माण तो कराया गया पर यहां पर्याप्त सुविधाएं नहीं दी गई है। हालांकि इसमें करोड़ों रुपए खर्च कर दिए गए हैं।
लेकिन आज भी यह संग्रहालय उदासीनता का दंश झेल रहा है। यहां कभी-कभी ही लोगों का आना होता है। जबकि लोगों को रुझान बढ़ाने के लिए यहां निशुल्क टिकट की व्यवस्था भी की है। इसके बावजूद भी लोग नहीं पहुंचते हैं।
37 लाख का फंड जिला प्रशासन को जारी
पुरातत्व संग्रहालय अंबिकापुर में विभिन्न मरम्मत कार्यों हेतु 37 लाख का फंड जिला प्रशासन को जारी किया गया है। कोरोना काल के कारण काम शुरू नहीं किया गया है। कलक्टर द्वारा टेंडर जारी कर मरम्मत कराया जाएगा और उसे विकसित किया जाएगा।
विवेक आचार्य, डायरेक्टर पुरातत्व संग्रहालय, रायपुर
Published on:
11 Sept 2021 09:49 pm
बड़ी खबरें
View Allअंबिकापुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
