
Umesh with his mother
अंबिकापुर। आईएएस से मुलाकात ने ग्राम मानपुर के 'उमेश' का लक्ष्य ही बदल दिया। यूपीएससी की परीक्षा पास करना उनका जूनन बन गया। दो बार मिली असफलता ने भी उनके लक्ष्य को भटकने नहीं दिया। शुक्रवार को संघ लोक सेवा आयोग द्वारा घोषित परीक्षा परिणाम ने पूरे परिवार में खुशियां बिखेर दीं। सूरजपुर जिले के छोटे से गांव में रहने वाले पंप ऑपरेटर के बेटे उमेश ने 179वां रैंक हासिल कर न केवल पूरे परिवार का मान बढ़ाया बल्कि अविभाजित सरगुजा को गौरवान्वित किया है।
संघ लोक सेवा आयोग द्वारा शुक्रवार को सिविल सर्विसेज परीक्षा 2017 का फाइनल परीक्षा परिणाम घोषित किया। इसमें सूरजपुर जिले के प्रतापपुर ब्लॉक के छोटे से ग्राम मानपुर में रहने वाले उमेश गुप्ता ने 179 वां रैंक हासिंल किया।
उमेश गुप्ता ने यूपीएससी सिविल सर्विसेज परीक्षा में सफलता हासिल करने के बाद पत्रिका से चर्चा करते हुए कहा कि उन्हें सिविल सर्विसेज में जाने की प्रेरणा तात्कालिक सरगुजा कलक्टर डॉ. रोहित यादव से मिली थी। उन्होंने बताया कि हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में कक्षा 12वीं में पूरे प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त करने के बाद जब वे डॉ. रोहित यादव से मुलाकात करने पहुंचे तो उन्होंने पूछा था कि आगे क्या करना है।
मुलाकात के दौरान उन्होंने प्रशासनिक सेवा में जाकर देश सेवा करने हेतु प्रेरित किया था। इसके बाद से ही उनका लक्ष्य प्रशासनिक सेवा में जाना हो गया। यूपीएससी के लिए उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग से तैयारी की। दिल्ली में रहकर २-३ माह कोचिंग भी किए, लेकिन कोल इंडिया में जॉब करने की वजह से ज्यादा समय नहीं दे पाते थे।
इसकी वजह से उन्होंने आगे कोचिंग नहीं की। कोचिंग छोडऩे के बाद यूपीएससी के लिए खुद ही पढ़ाई की। उमेश का कहना है कि सिविल सर्विसेज में उनका यह तीसरा प्रयास था। इससे पूर्व भी उन्होंने वर्ष 2015 व 2016 में भी संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सर्विसेज की परीक्षा दी थी लेकिन प्री में पास होने से रह गए थे।
इस असफलता ने उन्हें हमेशा कुछ न कुछ प्रेरणा ही दी और उनके हौसले को पस्त नहीं होने दिया। उमेश का कहना है कि अगर देखें तो यह उनका पहला प्रयास था, इस बार उन्होंने इसके लिए अच्छे से तैयारी की थी और उन्हें सफलता की पूरी उम्मीद थी।
प्रारम्भिक शिक्षा गांव से की पूरी
उमेश ने बताया कि उन्होंने प्राथमिक शिक्षा ग्राम मानपुर से पूरी की। ग्राम मानपुर में उन्होंने आठवीं तक की पढ़ाई करने के बाद धरमपुर से कक्षा 9 वीं व 10वीं की पढ़ाई पूरी की। कक्षा 11वीं व 12वीं की पढ़ाई मल्टीपरपज हाईस्कूल से पूरी की। कक्षा 12वीं में उन्होंने पूरे प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया था।
इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी-टेक
१२ वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद उमेश का रूझान आईआईटी में था। आईआईटी बीएचयू में चयनित होने के बाद उन्होंने वहां से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी-टेक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद कैम्पस सलेक्शन में उनका चयन कोल इंडिया के लिए हो गया था। जहां वे वर्तमान में जॉब कर रहे थे।
माता-पिता ने हमेशा किया प्रेरित
उमेश गुप्ता ने बताया कि उनके पिता रामसेवक गुप्ता एसईसीएल भटगांव के अंडरग्राउंड माइंस में पंप ऑपरेटर के पद पर पदस्थ हैं। उनकी माता शिवमोहरी गुप्ता गृहिणी हैं। उनके माता-पिता ने हमेशा उन्हें आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया। कभी भी उन्हें बाहर जाकर पढ़ाई करने से नहीं रोका।
कोचिंग की नहीं है जरूरत
उमेश गुप्ता ने सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहे अभ्यार्थियों को सलाह दी है कि कोचिंग की कोई जरूरत नहीं है। सेल्फ स्टडी सबसे महत्वपूर्ण है। आजकल इंटरनेट का दौर है। अभ्यर्थी अगर चाहें तो जंगल में भी रहकर इंटरनेट की मदद से सिविल सर्विसेज की तैयारी कर सकता है। बस उसे कुछ महत्वपूर्ण किताब की जरूरत है।
Published on:
28 Apr 2018 07:07 pm
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