
Women burnt alive
अंबिकापुर. तबियत खराब लगने पर एक महिला अपने डेढ़ वर्षीय पुत्र के साथ शुक्रवार की सुबह सो रही थी। इसी बीच सास ने आकर कहा कि चलो खाना खा लो। इसके बाद महिला उठी और किचन में चली गई।
पीछे से बेटा भी आ गया तो उसे किचन के दरवाजे से बाहर फेंक दिया और मिट्टी तेल छिड़कर आग लगा (Women burnt alive) ली। किसी तरह आग बुझाकर उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के राजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम परसागुड़ी निवासी 22 वर्षीय संध्या पूनम पति मनीष एक्का शुक्रवार को हल्का तबियत खराब थी। वह सुबह 11 बजे बच्चे को लेकर सोई थी। संध्या की सास बोली कि चलो उठो खाना खा लो। कुछ देर बाद महिला उठी और रसोई में गई।
इस दौरान उसके पीछे उसका डेढ़ वर्षीय बेटा भी चला गया। महिला रसोई में रखे मिट्टी तेल अपने शरीर के ऊपर छिड़क ली और बेटे को अपने पास से बाहर फेंक दी, इसके बाद उसने आग लगा (Women burnt alive) ली।
बच्चे की रोने की आवाज सुनकर महिला का पति व ससुर वहां पहुंचे और आग बुझाई। इस दौरान महिला गंभीर रूप से झुलस गई थी। उसे इलाज के लिए राजपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मेडिकल कॉलेज अस्पताल में तोड़ा दम
महिला की स्थिति गंभीर देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज (Medical college) अस्पताल रेफर कर दिया। यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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Published on:
29 Jun 2019 07:50 pm
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