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कमिश्नर दफ्तर के सामने बैठ गईं महिलाएं, कहा- मैडम! कर्ज लेकर बनाना पड़ रहा पीएम आवास

निगम आयुक्त सूर्यकिरण तिवारी ने सभी महिलाओं की जानी समस्याएं फिर बैंक प्रबंधन को समय पर किश्त जमा नहीं करने पर लगाई फटकार

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Women protest

Women sit in front of commissioner office

अंबिकापुर. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रहे मकानों की किश्त की राशि नहीं मिलने से अधूरा निर्माण लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। इसे लेकर शनिवार को वार्ड क्रमांक २३ के हितग्राही आयुक्त से मुलाकात कर तत्काल किश्त की राशि जारी करने हेतु ज्ञापन सौंपते हुए निगम आयुक्त के कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए।

आयुक्त ने एक-एक हितग्राही से मुलाकात कर उनकी समस्या जानी और इस संबंध में बैंक प्रबंधन से भी बात की। उन्होंने बैंक में आई तकनीकी खामियों की वजह से भुगतान नहीं होने की बात कही। इस पर आयुक्त ने बैंक प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा कि दुबारा इस प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।


प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रहे मकानों की राशि हितग्राहियों के खाते में नहीं आने से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा है। एक दिन पूर्व ही महापौर, सभापति व अन्य जनप्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर समीक्षा बैठक की थी। उसमें भी भारी अनियमितिता पाई गई थी।

समीक्षा बैठक के दूसरे दिन शनिवार की दोपहर 12 बजे वार्ड क्रमांक 23 वीर नारायण वार्ड की पार्षद उर्मिला देवी के नेतृत्व में काफी संख्या में हितग्राही निगम आयुक्त सूर्य किरण तिवारी के कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। शासन की मोर जमीन मोर मकान योजना के तहत बीएलसी मकानों के निर्माण करवाया जा रहा है।

इस योजना में जमीन हितग्राही की होती है व उसे मकान निर्माण के लिए 2 लाख 28 हजार रुपए मकान निर्माण हेतु प्रदान किया जाता है। वार्ड क्रमांक 23 वीर नारायण वार्ड की पार्षद के नेतृत्व में हितग्राहियों ने आयुक्त कक्षा के बाहर धरना देते हुए बताया कि वार्ड में 85 हितग्राहियों के मकान स्वीकृत किए गए हंै। इनमें से लगभग 55 मकान का निर्माण कार्य जारी है।

हितग्राहियों ने बताया कि वे गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन कर रहे हैं। पक्के मकान की आस में उन्होंने अपने कच्चे मकान को भी तोड़ दिया व पीएम आवास का निर्माण करवा रहे है। इनमें से ज्यादतर लोग बेघर हो चुके है। उन्होंने बताया कि ज्यादातर लोगों के मकान डोर लेबल तक पूर्ण हो चुके हैं लेकिन उनके खाते में किश्त का भुगतान नहीं हो पाया है।

अधिकांश हितग्राही कर्ज लेकर मकान निर्माण करवा रहे हैं। लेकिन अब उनके पास भुगतान के लिए भी पैसा नहीं है और मजदूर भाग गए हैं। उन्हें निर्माण सामग्री नहीं मिल रही है। इसकी वजह से काम अटक गया है। 2 महीने में बारिश शुरू हो जाएगी, इसकी वजह से उनकी चिंता बढ़ गई है।


अधिकारियों को लगाई फटकार
प्रथम किश्त के भुगतान होने के बाद हितग्राहियों के खाते में राशि जमा नहीं करने की जानकारी मिलते ही निगम आयुक्त ने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई व समय पर हर वार्ड में बन रहे मकान की राशि का भुगतान करवाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने बैंक के अधिकारियों को भी मौके पर बुलाकर अंतिम चेतावनी दी।

उन्होंने कहा कि अगर बैंक का कार्य नहीं संभाल पा रहा है तो जवाब दें। हम किसी दूसरे बैंक से काम करवा लेंगे परंतु अब भविष्य में ऐसी दिक्कत नहीं आनी चाहिए।


चार में जमा हुई सिर्फ एक किश्त
मोर जमीन मोर मकान के तहत हितग्राही को चार किश्तों में रुपए मिलता है। प्रथम किस्त फाउंडेशन, द्वितीय डोर लेबल, तृतीय स्लैब लेबल व चौथी किश्त पूर्ण होने पर मिलती है। इसके लिए ननि के इंजीनियर व अधिकारी निर्माण की मॉनिटरिंग करने के साथ ही हर लेबल की फोटो लेने के साथ ही ऑनलाइन जियो टैग करते है और तब हितग्राहियों के खाते में राशि जमा होती है। लेकिन निगम के अधिकारियों की लापरवाही से हितग्राहियों के खाते में सिर्फ एक किस्त ही जमा हो सका है जबकि सप्ताह भर से अधिक समय पहले उनके मकान का फोटो लिया जा चुका है।


तकनीकी परेशानी से बढ़ी समस्या
बैंक में आए तकनीकी परेशानी की वजह से यह समस्या आई थी।नगर निगम से राशि जारी कर दिया गया है। हर हितग्राही को समय पर भुगतान को यह सुनिश्चित किया जा रहा है। इसके साथ ही यह भी देखा जाएगा कि भुगतान को लेकर और क्या समस्या है। जो भी भुगतान रुके है उन्हें मंगलवार तक पूर्ण करा लिया जाएगा। इसके साथ ही कार्य की प्रगति की जानकारी लगातार अपडेट करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हंै।