
अंकितराज सिंह चंद्रावत-हाबूलाल शर्मा
कोटा . दिन में शहर के चौराहों पर एक जगह खड़े होकर टै्रफिक कंट्रोल करने वाले 'सुस्त' पुलिसकर्मी रात में चाकचौबंद और 'चुस्त' नजर आएं तो आश्चर्य होता है, लेकिन ये हकीकत है।
शहर से गुजर रहे दोनों हाइवे पर रात के अंधेरे में पुलिस की ये मुस्तैदी देखते ही बनती है। ओवरलोड वाहन हो या ट्रांसपोर्ट का ट्रक, हाइवे पर खड़े ये मुस्तैद सिपाही हर वाहन को पहले इशारों से रोकते हैं, टटोलते हैं।
गाड़ी में कुछ संदेहास्पद मिले या न मिले? लेकिन ये अपना 'टोल' लेकर ही आगे जाने देते हैं। पुलिसकर्मियों की इस 'नाइट ड्यूटी' की पत्रिका टीम ने लगातार दो दिन तक पड़ताल की। मंगलवार रात पत्रिका टीम को सड़क पर देख गश्त पर रहे सिपाहियों ने अतिरिक्त सतर्कता बरती।
यहीं नहीं आगे-पीछे को विजीलेंस घूमने की जानकारी भी दे दी। बुधवार रात एक भूसे से भरे ट्रक में बैठकर पत्रिका टीम ने बारां रोड पर बोरखंडी पुलिया से बल्लोप तक सफर किया।
इस दौरान हर दो-तीन किलोमीटर पर सिपाही 'मुस्तैद' मिले। ट्रक को रोकने और फिर आगे जाने देने के लिए 100 रुपए टोल वसूला। अंधेरे में पूरा लेन-देन कैमरे में कैद हुआ। कैमरे की रोशनी में खाकी वर्दी 'काली' नजर आई।
रात 12.45 @ बोरखेड़ा चौराहा
बोरखेड़ा चौराहे पर पहुंचे तो एक यातायात पुलिस के सिपाही ट्रक को रुकवाने के लिए आगे खड़ा हो गया, लेकिन ट्रक के अंदर चालक-खलासी के अलावा अन्य लोगों (टीम पत्रिका) को देखकर ठिठका। सिपाही कुछ देर तक ट्रक के आगे खड़ा रहा, फिर आगे बढऩे की बोल सामने से हट गया।
रात 12.50 @ 80 फुट रोड लिंक चौराहा
बोरखेड़ा पुलिया के नीचे भी सिपाही तैयार बैठे थे। सिटी बजाई तो चालक ने ट्रक गति धीमी कर दी। सिपाही ने अन्य व्यक्ति को ट्रक के पास भेजा। खलासी ने उसे 100 को नोट निकाल कर दिया। उसने हाथ का इशारा कर आगे के लिए रवाना कर दिया।
रात 1.05 @ अंटाघर
यहां पर दो सिपाही बैठे थे। ट्रक देखकर एक पुलिसकर्मी ने हाथ से रोकने का इशारा किया, लेकिन चालक नहीं देख पाया। ट्रक आगे निकल गया तो सिपाही ने पीछा करने के लिए बाइक उठाई, लेकिन पीछे एक और ट्रक देखकर बाइक फिर खड़ी कर दी।
रात 1.15 @ नयापुरा
पुराने चम्बल पुल की मरम्मत के चलते नई पुल से ही वाहनों की आवाजाही है। रोडवेज बस स्टैण्ड के गेट के बाहर ट्रक पहुंचा तो एक सिपाही ने ट्रक को रुकवाया। खलासी ने उसे 100 रुपए दिए। रुपए देते ही चालक ने गति बढ़ा दी और आगे बढ़ गया।
रात 1.20 @ कुन्हाड़ी
दिन में भले ही यहां पर इक्का-दुक्का यातायात पुलिसकर्मी की ड्यूटी लगती है, लेकिन रात में आधा दर्जन से अधिक यातायात कर्मी व स्थानीय थाने की सिपाही खड़े हो जाते हैं। चंबल पुल से उतरकर ट्रक यहां पहुंचा तो दो पुलिसकर्मियों ने ट्रक को रुकवाया। केबिन में अन्य लोगों देखकर ठिठके और जाने दिया।
Published on:
03 Mar 2017 12:05 pm
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