जिस तरह से उनको दफनाया गया था, उसे देख कर लगता है कि वो या तो कोई पुजारी रही होंगी या फिर कोई शासक। उनकी ममी की खोज से पहले माना जाता था कि मौचे संस्कृति में केवल पुरुष ही ऊंचे ओहदे पर होते थे। पेरू के संस्कृति मंत्री सल्वाडोर डेल सोलर का कहना है कि उनके चेहरे को दोबारा बनाने पर पता चला कि उनका मुंह अंडाकार था और उनके ऊंचे चेकबोन थे जो काफी हद तक पेरू में रहने वालों जैसा है।