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इस डिफेंस सिस्टम के जरिए किम की मिसाइल हवा में गिरा देगा अमरीका

अमरीका में कई डिफेंस सिस्टम हैं, जो पलक झपकते ही मिसाइल को भांप धरती के वातावरण में प्रवेश करने से पहले ही अंतरिक्ष में नष्ट कर देंगे।
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ashutosh tiwari

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Updated: 1 Dec 2017, 8:54 AM IST

America,South Korea,North Korea,nuclear bomb,Defence system

वॉशिंगटन. उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग उन ने भले ही परमाणु हथियार ले जाने वाली इंटर कांटिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलें बनाने का दावा किया हो, मगर अमरीका के पास पहले से ही ऐसी विनाशक मिसाइलों को नष्ट करने की फुलप्रूफ तैयारी है। अमरीका ने धरती, समंदर और अंतरिक्ष में इमेजिंग सैटेलाइट और रडार तैनात किए हैं, जो दुश्मन की किसी भी गतिविधि को पलभर में भांप लेंगे। कई डिफेंस सिस्टम हैं, जो पलक झपकते ही मिसाइल को भांप धरती के वातावरण में प्रवेश करने से पहले ही अंतरिक्ष में नष्ट कर देंगे।

दुश्मन की मिसाइलों का चक्रव्यूह भेदेगा यह सिस्टम
5 मिनट में मिसाइल का पता
कोलोराडो स्थित डिफेंस कमांड सेंटर प्रशांत महासागर में स्थित रडार मिसाइल के बारे में पांच मिनट में ही सटीक जानकारी देगा।

ईकेवी डिफेंस
ये इंटरसेप्टर मिसाइलें धरती के वातावरण में प्रवेश करने से पहले ही 22,000 मील प्रति घंटे की रफ्तार से दुश्मन की मिसाइलों को मार गिराती हैं।

बुधवार को किया था हाइड्रोजन बम का परीक्षण
परमाणु हथियारों से लैस और हाल ही में दुनिया के सबसे खतरनाक बम हाइड्रोजन बम का आविष्कार कर चुके नॉर्थ कोरिया ने एक बार फिर से दुनिया में हलचल पैदा कर दी है। दरअसल, बुधवार को नॉर्थ कोरिया ने करीब 2 महीने के बाद एक बार फिर से नए अंतरमहाद्वीपीय बलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। इस बात की पुष्टि नॉर्थ कोरिया की सेना ने की है। उत्तर कोरिया के सरकारी टेलिविजन द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक नेता किम जोंग-उन ने ह्वासोंग-15 मिसाइल का परीक्षण करने की घोषणा की है। उत्तर कोरिया ने कहा है कि अब इस ICBM की जद में पूरा अमेरिकी महाद्वीप आ गया है। वहीं इस मिसाइल के सफल परीक्षण के बाद दक्षिण कोरिया ने भी एक बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया। वहीं अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नॉर्थ कोरिया के इस परीक्षण पर फिर से कड़ी नाराजगी जताई है। जापान, अमरीका और दक्षिण कोरिया ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक आपात बैठक के लिए अपील की।