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अमरीकी अदालत ने चीन के अधिकारी को भेजा 60 साल के लिए जेल, 50 लाख डॉलर जुर्माना भी भरना होगा, जानिए किस जुर्म के लिए मिली सजा

अमरीका की अदालत ने चीन के इस अधिकारी को विमानन कंपनियों के गोपनीय दस्तावेज चुराने के आरोप में यह सजा सुनाई है। चीन के इस अधिकारी का नाम शु यैंजून है। उस पर आर्थिक मामलों में जासूसी और व्यापार से जुड़े गोपनीय दस्तावेज चुराने के पांच मामले दर्ज थे। सजा के बाद अब इस अधिकारी को 60 साल जेल की सजा भुगतनी होगी और 50 लाख डॉलर बतौर जुर्माना भरना होगा।  
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Ashutosh Pathak

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Updated: 6 Nov 2021, 7:01 PM IST

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नई दिल्ली।

अमरीका की अदालत ने एक चीनी अधिकारी को जासूसी करने का दोषी ठहराते हुए उसे 60 साल जेल की सजा सुनाई है। यही नहीं, अदालत ने चीन के इस अधिकारी को 50 लाख डॉलर बतौर जुर्माना भरने का आदेश भी दिया है।

अमरीका की अदालत ने चीन के इस अधिकारी को विमानन कंपनियों के गोपनीय दस्तावेज चुराने के आरोप में यह सजा सुनाई है। चीन के इस अधिकारी का नाम शु यैंजून है। उस पर आर्थिक मामलों में जासूसी और व्यापार से जुड़े गोपनीय दस्तावेज चुराने के पांच मामले दर्ज थे। सजा के बाद अब इस अधिकारी को 60 साल जेल की सजा भुगतनी होगी और 50 लाख डॉलर बतौर जुर्माना भरना होगा।

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चीनी अधिकारी शु यैंजून को पहली बार 2018 में बेल्जियम में गिरफ्तार किया गया था। माना जा रहा है कि इस मामले में कानूनी कार्रवाई के लिए अमरीका प्रत्यर्पित किया जाने वाला वह पहला चीनी शख्स है।

हालांकि, चीन के अधिकारियों ने इस फैसले पर कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की। पहले चीन ने सभी आरोपों को गलत बताया था और कहा था कि इनका कोई आधार नहीं है। वहीं अमरीकी न्याय विभाग ने एक बयान जारी कर कहा है कि शु चीन के सुरक्षा मंत्रालय के जिआंग्शु ब्रांच के वरिष्ठ अधिकारी हैं। ये एजेंसी काउंटर इंटेलिजेंस, विदेशी इंटेलिजेंस, और आंतरिक सुरक्षा के लिए काम करती है।

शु पर आरोप है कि 2013 से उन्होंने अमरीका की कई कंपनियों के कर्मचारियों को निशाना बनाया। एक मौके पर उन्होंने जीई एविएशन कंपनी के एक कर्मचारी के लिए चीन के एक विश्वविद्‌यालय में प्रेजेन्टेशन देने की व्यवस्था भी की थी। साथ ही, उनकी यात्रा और स्टाइपेंड का खर्च भी उठाया था।

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इसके अगले साल शु ने उसी एक्सपर्ट से सिस्टम और डिजाइन प्रोसेस से जुड़ी जानकारियां देने के लिए कहा। जांच एजेंसी एफबीआई के साथ काम करने वाली एक कंपनी के साथ मिलकर उस कर्मचारी ने शु को दो पन्नों के दस्तावेज ई-मेल किए और बताया कि उनमें गोपनीय जानकारियां हैं।

कुछ समय बाद शु ने कर्मचारी से उनके कंप्यूटर की फाइल डायरेक्टरी की एक कॉपी मांगी। शु ने बेल्जियम में कर्मचारी से मिलने की कोशिश की, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

एफबीआई के असिस्टेंट डायरेक्टर एलेन कोहलर के मुताबिक, जिन्हें चीन की असल मंशा पर शक़ है, इस घटना से उनकी नींद खुल जानी चाहिए। वह अपनी अर्थव्यवस्था और सैन्य क्षमता में सुधार के लिए अमरीकी तकनीक चुरा रहे हैं।

ये आरोप ऐसे समय में सामने आया है जब चीन और अमरीका के बीच तनाव बढ़ा है। चीन ने हाल ही में एक हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण किया है और अमरीका के राष्ट्रपति जो बिडेन ने कहा है कि वह चीनी सेना से ताइवान की रक्षा करेंगे।