टेक दिग्गज कंपनी ने अपने कर्मचारियों से कहा कि जिन्हें धार्मिक या चिकित्सा कारणों से छूट नहीं मिलती है, वे अप्रैल से शुरू होने वाले अवैतनिक अवकाश पर होंगे। वहीं, एप्पल के बाद गूगल भी घर से काम करने यानी वर्क फ्राम होम अवधि बढ़ाने पर विचार कर रहा है। गूगल आगामी 10 जनवरी से अपने कार्यालय खोलने की सोच रहा था, मगर ओमिक्रान के बढ़ते मामलों को देखते हुए कंपनी अभी ऑफिस खोलने का विचार टाल सकती है।
चिप बनाने वाली कंपनी इंटेल ने कथित तौर पर कर्मचारियों को सूचित किया है कि जिन लोगों का टीकाकरण नहीं हुआ है, उन्हें 4 जनवरी तक जैब लेना होगा या छूट जमा करनी होगी। ऐसा नहीं करने वाले कर्मचारियों को अनपेड लीव यानी अवैतनिक अवकाश पर रखा जाएगा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, टेक दिग्गज कंपनी ने अपने कर्मचारियों से कहा कि जिन्हें धार्मिक या चिकित्सा कारणों से छूट नहीं मिलती है, वे अप्रैल से शुरू होने वाले अवैतनिक अवकाश पर होंगे। वहीं, एप्पल के बाद गूगल भी घर से काम करने यानी वर्क फ्राम होम अवधि बढ़ाने पर विचार कर रहा है। गूगल आगामी 10 जनवरी से अपने कार्यालय खोलने की सोच रहा था, मगर ओमिक्रान के बढ़ते मामलों को देखते हुए कंपनी अभी ऑफिस खोलने का विचार टाल सकती है। इससे पहले एप्पल ने फरवरी में ऑफिस खोलने का विचार टाल दिया और इसे आगे बढ़ाते हुए कर्मचारियों से वर्क फ्राम होम करने को कहा है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने अपने कर्मचारियों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए टीकाकरण 4 जनवरी तक करा लेने की समय सीमा जारी की है। इसके बाद इंटेल अगले साल 15 मार्च तक कर्मचारियों के छूट अनुरोधों की समीक्षा करेगा। वहीं, दूसरी ओर, गूगल ने अपने कर्मचारियों से यह भी कहा है कि वे पूरी तरह टीकाकरण नहीं करते है तो उनको कंपनी की ओर से सैलरी नहीं दी जाएगी। साथ ही, उन्हें नौकरी से भी निकाल दिया जाएगा।
बताया जा रहा है कि गूगल ने कथित तौर पर अपने कर्मचारियों से यह भी कहा है कि यदि वे टीकाकरण नहीं करवाते हैं तो उन्हें 30 दिनों के लिए अनपेड लीव पर रखा जाएगा। एक आंतरिक ज्ञापन के अनुसार, यदि वे 30 दिनों के बाद भी अनुपालन नहीं करते हैं, तो उन्हें छह महीने तक की अनपेड लीव यानी अवैतनिक अवकाश का भी सामना करना पड़ सकता है। इसके बाद भी यदि वे वैक्सिनेशन नहीं कराते तो फिर उन्हें निकल दिया जा सकता है।
अमरीकी प्रशासन ने 100 या अधिक कर्मचारियों वाली कंपनियों को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया है कि उनके कर्मचारियों को 18 जनवरी तक पूरी तरह से टीका लगाया जाए या नियमित रूप से कोविड -19 के लिए परीक्षण किया जाए। गूगल ने अपने डेढ़ लाख से अधिक कर्मचारियों को अपने टीकाकरण रिपोर्ट को अपने इंटरनल सिस्टम पर अपलोड करने के लिए कहा है।
जैसा कि ओमिक्रान संस्करण का खतरा बढ़ा रहा है, गूगल भी पूर्णकालिक कर्मचारियों को 10 जनवरी तक कार्यालयों में लौटने के लिए कहने की अपनी योजना पर पुनर्विचार कर रहा है। बता दें कि कोरोना के ओमिक्रान वेरिएंट का कहर दुनियाभर में पहुंच चुका है। यूरोपीय देशों में हालात ज्यादा खराब हैं। अब इस वेरिएंट ने यूएसए यानी संयुक्त राज्य अमरीका और मध्य एशिया में भी तबाही मचानी शुरू कर दी है। अमरीका में कोरोना के ओमिक्रान वेरिएंट से पहली मौत दर्ज की गई है। यह मौत सोमवार को टेक्सस में हुई है। बहरहाल, अमरीका में यूएस सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। बताया जा रहा है कि ओमिक्रान वेरिएंट से मरने वाले शख्स की उम्र करीब 55 साल थी। इस शख्स ने कोरोना टीका भी नहीं लिया था। अमरीका में बीते एक हफ्ते में कोरोना का ओमिक्रान वेरिएंट तेजी से बढ़ा है।