
कैवनॉग पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच करेगी एफबीआई, ट्रंप सरकार ने दिए आदेश
वाशिंगटन। अमरीकी सुप्रीम कोर्ट के जज पद के लिए नामित ब्रेट कैवनॉग पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच करानेे के आदेश दिए गए हैं। इस मामले की जांच के लिए एफबीआई को निर्देश दिए गए हैं । शुक्रवार को व्हाइट हाउस के प्रेस सेक्रेटरी सारा सेंडर्स ने राष्ट्रपति के ट्वीट को मीडिया के सामने पेश कर कहा कि सरकार की तरफ से एफबीआई जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। सीनेट में तय कि किया गया है कि इस जांच को जल्दी पूरा कर लिया जाए। इसके लिए एक समय सीमा तय की गई हैं। गौरतलब है कि कैवनॉग ने गुरुवार को सेनेट की न्यायिक समिति के समक्ष क्रिस्टिन ब्लेसी फॉर्ड द्वारा लगाए यौन उत्पीड़न के आरोपों को झुठला दिया। यही नहीं कैवनॉग ने इन आरोपों को अपमान बताया है।
तय समय सीमा में हो जांच
सीनेट में इस बात पर सहमति बनी है कि जज का चयन कुछ दिनों के लिए रोका जाएगा। इस दौरान कैवनॉग मामले में मात्र एक हफ्ते में ही यह जांच पूरी हो जाएगी। रिपब्लिकन पार्टी के सिनेटर जेफ फलेक के अनुसार इस मामले की तहकीकात होने तक चुनाव पर रोक लगाई जाएगी और जांच को जल्द पूरा कराया जाएगा। इस निर्देश को लेकर कैवनॉग भी सहमत दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी उनकी जांच कराई जा चुकी है। कई इंटरव्यू में मुझसे एक ही सवाल पूछा गया है। मुझे पूछताछ का बिल्कुल भी नहीं डर है। इस मामले में कैवनॉग ने पिछले दिनों कहा कि सुप्रीम कोर्ट के जज पद पर उनके नामांकन की पुष्टि की यह प्रक्रिया राष्ट्रीय अपमान बन गई है। इस पुष्टि प्रक्रिया में सेनेट की महत्वपूर्ण भूमिका है।' कैवनॉग ने समिति के सामने अपने बयान में कहा, 'मेरे परिवार और मेरे नाम को इन झूठे और मनगढ़ंत आरोपों से पूरी तरह से बदनाम कर दिया गया।'
पहले नाम सार्वजनिक न किए जाने की थी अपील
गौरतलब है कि फॉर्ड ने कैवनॉग पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। उन्होंने बीते जुलाई में डेमोक्रेट्स को एक पत्र भेजा था, जिसमें यौन उत्पीड़न करने की आप बीती सुनाई थी। उनका कहना था कि ये मामला तब का है जब वो और कैवनॉग दोनों ही किशोर थे। पहले फॉर्ड ने यह आग्रह भी किया था कि उसका नाम सार्वजनिक नहीं किया जाए। हालांकि, बाद में फॉर्ड ने सार्वजनिक तौर पर सामने आकर कैवनॉग पर आरोप लगाए।
Published on:
29 Sept 2018 09:00 am
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