
donald trump
वाशिंगटन। हाफिज सईद की गिरफ्तारी को लेकर अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुशी जाहिर कर इसे पाकिस्तान पर अमरीकी दबाव का नतीजा बताया था। मगर कुछ ही घंटों बाद ट्रंप के दावे की विदेश मामलों की कमेटी ने ही हवा निकाल दी। यूनाइटेड स्टेट्स हाउस की स्थाई संसदीय समिति ने दावा किया कि आतंकवादी संगठन जमात-उद-दावा का प्रमुख इससे पहले पाकिस्तान में खुलेआम घूमता रहा है और इस बार भी पाक की यह कार्रवाई मात्र दिखावा हो सकती है।
समिति ने निकाली ट्रंप के दावे की हवा
समिति ने ट्रंप के दावे को नकारते हुए कहा कि पाकिस्तानी सरकार एक दशक से सईद का साथ दे रही थी और अमरीका ने पिछले दो वर्षों से पाकिस्तान पर आतंकवादी को नाकाम करने का दबाव बना रही है। समिति विदेश नीति कानून और अमरीकी निगरानी के लिए जिम्मेदार है।
ट्रंप के ट्वीट को खारिज करते हुए समिति ने कहा कि सभी को इंतजार करना चाहिए जब तक कि सईद वास्तव में अपराधों के लिए दोषी नहीं ठहराया जाता है।
क्या कहा था ट्रंप ने
ट्रंप ने अपने ट्वीट पर कहा था कि कि 26/11 के Mumbai attacks के मास्टरमाइंड Hafiz Saeed को आखिरकार दबोच लिया गया है। आतंकी फंडिंग मामले में हाफिज सईद को जेल भेजा गया है। उन्होंने लिखा कि दस साल तक खोजने करने के बाद, मुंबई आतंकी हमलों का तथाकथित मास्टरमाइंड को पाकिस्तान में गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे खोजने के लिए पिछले दो वर्षों में बहुत दबाव डाला गया था।
टेरर फंडिंग केस में हुई है गिरफ्तारी
बीते बुधवार को पाकिस्तान में आतंकवाद रोधी इकाई ने बुधवार को जमात-उद-दावा प्रमुख हाफिज सईद गिरफ्तार किया गया। पाकिस्तान की आतंकवादरोधी विभाग (सीटीडी) ने हाफिज को उस समय गिरफ्तार किया जब वह टेरर फंडिंग से संबंधित एक मामले में अदालत में पेश होने के लिए लाहौर से गुजरांवाला जा रहा था।
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Updated on:
18 Jul 2019 02:57 pm
Published on:
18 Jul 2019 10:07 am
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