अमरीकी सीमा पर दिखा दिल को छू लेने वाला नजारा, भटकता मिला 3 साल का बच्चा

अमरीकी सीमा पर दिखा दिल को छू लेने वाला नजारा, भटकता मिला 3 साल का बच्चा

Anil Kumar | Publish: Apr, 25 2019 05:24:22 PM (IST) | Updated: Apr, 25 2019 05:24:23 PM (IST) अमरीका

  • मैक्सिको से हर साल सैंकड़ों बच्चे सीमा पार कर अमरीका चले जाते हैं।
  • बच्चों को रोकने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप बयान दे चुके हैं।
  • पलायन करने वाले बच्चों के लिए अभी तक कोई ठोस योजना नहीं है।

 

वाशिंगटन। अमरीका के दक्षिणी टेक्सास सीमा पर एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जो कि दिल को छू लेना वाला था। दरअसल सीमा पर पेट्रोलिंग कर रहे एजेंटों को बीते मंगलवार को दक्षिणी टेक्सास में फोर्ट ब्राउन स्टेशन पर एक लावारिश भटकता हुआ तीन साल का बच्चा मिला। सबसे हैरानी की बात यह है कि बच्चे के जूते पर उसका नाम और एक मोबाइल नंबर लिखा था। एजेंटों का मानना है कि बॉर्डर पर जब स्मगलरों को देखा गया होगा तब वे उस बच्चे को छोड़ कर मैक्सिको की ओर भाग गए। उनका कहना है कि तीन साल के बच्चे के लिए अकेले सीमा पार करना तर्क संगत नहीं है। मार्च में बॉर्डर पैट्रोल द्वारा 8,900 से अधिक गैर-कुपोषित बच्चों को गिरफ्त में लिया गया था, जो कि बीते वर्ष अक्टूबर में देखे गए बच्चों से दोगुना था।

अमरीका: जो बिडेन लड़ेंगे 2020 का राष्ट्रपति चुनाव, सोशल मीडिया के जरिए की घोषणा

मैक्सिको से भारी संख्या में हो रहा है पलायन

बता दें कि मैक्सिको से भारी संख्या में लोग पलायन कर अमरीका की सीमा में प्रवेश कर रहे हैं। इसमें किशोरों की संख्या बहुत ज्यादा है। चार साल से लेकर 12 साल तक के बच्चे अपने माता-पिता या किसी रिश्तेदार के बगैर ही अमरीका के दक्षिणी सीमा को अक्सर समूहों में अजनबियों के साथ पार कर जाते हैं। सभी बच्चों के लिए यह बहुत ही कठिन और अव्यवस्थित गाथा है, क्योंकि तीन, चार या पांच वर्ष की आयु के बच्चों को प्रवासी समूहों द्वारा ले जाया जाता है और फिर एरिज़ोना के रेगिस्तान या दक्षिण टेक्सास के ब्रश में छोड़ दिया जाता है। इस हफ्ते, टेक्सास के ब्राउनसविले के पास पाए गए बच्चों के पास आमतौर पर संयुक्त राज्य अमरीका में रिश्तेदारों के फोन नंबर होते हैं, जो उनके कपड़ों पर लिखे होते हैं या कागज की पर्चियों में होते हैं। गौरतलब है कि 1 अक्टूबर, 2018 के शुरुआती वित्तीय वर्ष में दक्षिण-पश्चिम सीमा को पार करने वाले बेहिसाब बच्चों को पकड़ा गया था जो कि 2014 के वित्तीय वर्ष में पकड़ों गए बच्चों से कहीं अधिक था जब 68,500 से अधिक प्रवासी बच्चों को रोक दिया गया था। इस वर्ष अभी तक चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में एजेंटों ने 35,898 बेहिसाब बच्चों को पकड़ा, जबकि पूरे वित्त वर्ष 2018 के दौरान यह 50,036 था।

 

Read the Latest World News on Patrika.com. पढ़ें सबसे पहले World News in Hindi पत्रिका डॉट कॉम पर. विश्व से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Follow करें Twitter पर.

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned