
नई दिल्ली। नॉर्थ कोरिया की ओर से मिल रही लगातार चुनौतियों के बीच अब ईरान ने भी अमरीका की परेशानी बढ़ा दी है। ईरान ने अमरीका की सभी चेतावानियों को नजरअंदाज करते हुए मध्यम दूरी की एक नई मिसाइल का सफल परीक्षण किया। ईरान की ओर से इस मिसाइल का प्रदर्शन शुक्रवार को पहली बार सैन्य परेड के दौरान किया गया था। प्रसारक ने हालांकि परीक्षण की कोई तारीख नहीं बताई, लेकिन अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा था कि इसका जल्द परीक्षण किया जाएगा.
बाहरी हस्तक्षेप नहीं मंजूर
इससे पहले अमरीका ओर फ्रांस की सभी चेतावनियों को दरकिनार करते हुए ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने शुक्रवार को कहा था कि उनका देश अपनी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं में विकास करेगा। दरअसल, हसन रूहानी का यह बयान इराक के साथ 1980-1988 के ईरान के विनाशकारी युद्ध की शुरुआत की बरसी पर आया। केवल इतना नहीं रूहानी ने अपने बयान में यह भी कहा कि हम न केवल अपनी मिसाइल क्षमताओं को बढ़ाएंगे, बल्कि हवाई, जमीनी और समुद्री बलों को भी मजबूत करेंगे। उन्होंने साफ कहा कि अपने देश की सुरक्षा के विषय में हमें बाहरी हस्तक्षेप बरदास्त नहीं है।
फ्रांस और अमरीका हुए खिलाफ
बता दें कि दुनिया की बड़ी ताकतों के बीच 2015 की न्यूक्लियर ट्रीटी के अंतर्गत अब अमरीका के निशाने पर ईरान आ गया है। अमरीका ईरान के परमाणु कार्यक्रम की आलोचना कर रहा है। हालांकि ईरान का कहना है कि समझौते की शर्तों के तहत उसकी मिसाइलें पूरी तरह वैध हैं, क्योंकि वे परमाणु आयुध ले जाने के हिसाब से डिजाइन नहीं की गई हैं। उधर, अमरीका का कहना है कि ईरान ने समझौते का उल्लंघन किया है क्योंकि उसकी मिसाइल परमाणु आयुध ले जाने में सक्षम हैं। अमरीका के इस बयान का फ्रांस ने भी खुलकर समर्थन किया है। हालांकि ईरान ने साफ कहा कि अपने देश की सुरक्षा के विषय में हमें बाहरी हस्तक्षेप बरदास्त नहीं है।
Published on:
23 Sept 2017 01:14 pm
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