1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अफगानिस्तान के नेता भाग गए और वहां की सेना बिना लड़े हार गई, हम अपने बेटे-बेटियों को लडऩे-मरने क्यों भेजे- बिडेन

अमरीकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने अफगानिस्तान से अमरीकी सेना को वापस बुलाने के फैसले का बचाव करते हुए अफगान लीडरशिप को बिना लड़े तालिबान को सत्ता सौंपने के लिए जिम्मेदार ठहराया। बिडेन ने तालिबान को चेतावनी भी दी कि यदि उसने अमरीकी कर्मचारियों को नुकसान पहुंचाया, तो अमरीका जवाबी कार्रवाई करेगा।  

2 min read
Google source verification

image

Ashutosh Pathak

Aug 18, 2021

joe-biden.jpg

नई दिल्ली।

अफगानिस्तान पर तालिबान ने सिर्फ 22 दिन में कब्जा कर लिया। यह सब इतनी तेजी से तब हुआ, जब 20 सालों से वहां तैनात अमरीकी नेतृत्व वाली सेना ने अफगानिस्तान छोडऩे का फैसला और धीरे-धीरे प्रक्रिया शुरू कर दी। अमरीकी सेना को अफगानिस्तान से वापस बुलाने का फैसला राष्ट्रपति जो बिडेन ने गत जनवरी में सत्ता संभालने के कुछ हफ्तों बाद लिया था।

तालिबान के क्रूर शासन की वापसी के बाद अब सेना वापस बुलाने के फैसले को लेकर बिडेन पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। वहीं, जो बिडेन ने लोगों से स्पष्ट कह दिया है कि उनका फैसला सही है। बिडेन ने कहा, अगर अफगानिस्तान के सैनिक नहीं लड़ते, तो मैं कितनी पीढिय़ों तक अमरीकी बेटे-बेटियों को भेजता रहूं। उन्होंने कहा, मेरा जवाब स्पष्ट है। मैं वह गलतियां नहीं फिर नहीं करूंगा, जो पहले अमरीका पहले कर चुका है।

अमरीकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने अफगानिस्तान से अमरीकी सेना को वापस बुलाने के फैसले का बचाव करते हुए अफगान लीडरशिप को बिना लड़े तालिबान को सत्ता सौंपने के लिए जिम्मेदार ठहराया। बिडेन ने तालिबान को चेतावनी भी दी कि यदि उसने अमरीकी कर्मचारियों को नुकसान पहुंचाया, तो अमरीका जवाबी कार्रवाई करेगा। बिडेन ने अफगानिस्तान से आ रही तस्वीरों को भी चिंताजनक बताया।

यह भी पढ़ें:- तालिबान ने 2300 आतंकियों को जेल से रिहा किया, एक आतंकी तो ऐसा जिससे पाकिस्तान भी खाता है खौफ

उन्होंने कहा कि अमरीकी सैनिक किसी ऐसे युद्ध में नहीं मर सकते, जो अफगानिस्तान की सेना अपने लिए लडऩा ही नहीं चाहती। उन्होंने कहा, मैं अपने फैसला के साथ पूरी तरह हूं। मैंने 20 साल के बाद यह सीखा कि अमरीकी सेना को वापस बुलाने का कभी अच्छा समय नहीं आया और इसीलिए हम अभी तक वहां थे।

यह भी पढ़ें:- ओवैसी ने अफगानिस्तान पर केंद्र सरकार की मौजूदा नीति को लेकर साधा निशाना, कहा- हमें तालिबान से करनी चाहिए बात

बिडेन ने जनता को संबोधित करते हुए कहा, हम अफगानिस्तान में इन हालातों को लेकर स्पष्ट थे। मैंने अमरीकी लोगों से वादा किया था कि मैं आपसे बिल्कुल स्पष्ट बात करूंगा। सच यह है कि अफगानिस्तान में जो कुछ भी हुआ उसका अंदाजा हमें था, मगर यह अनुमान से काफी पहले हो गया। अफगान सेना पस्त हो गई बिना लड़े और वहां की लीडरशिप देश छोडक़र भाग गई। इन घटनाक्रमों ने यह साबित कर दिया कि अफगानिस्तान में अमरीकी सेना की भागीदारी को खत्म करना सही फैसला था।