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हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर पेंटागन की रिपोर्ट- असंतुलन पैदा करने के लिए पड़ोसी देशों को उकसा रहा चीन

चीन अपनी ताकत के बल पर पड़ोसी दशों पर दबाव बना रहा है। चीन इन देशों को भारत-प्रशांत क्षेत्र में उथल-पुथल मचाने के लिए मजबूर भी कर रहा है।
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Mohit sharma

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Feb 13, 2018

Indo-Pacific region

नई दिल्ली। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे चीनी दखल को लेकर पेंटागन ने चिंता जताई है। पेंटागन का कहना है कि चीन हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपना दबदबा बढ़ाने के लिए पड़ोसी मुल्कों पर दबाव बना रहा है। यह जानकारी पेंटागन ने वित्तीय वर्ष 2019 के लिए अपने सालाना बजट प्रस्तावों के दौरान अमरीकी संसद को दी।

उकसाने में माहिर है चीन

पेंटागन ने कहा है कि चीन अपनी ताकत के बल पर पड़ोसी दशों पर दबाव बना रहा है। चीन इन देशों को भारत-प्रशांत क्षेत्र में उथल-पुथल मचाने के लिए मजबूर भी कर रहा है। इस तरह से पैदा होने वाले असंतुलन का चीन फायदा उठाना चाहता है। पेंटागन का तो यह तक दावा है कि अपनी तरक्की अभियान को जारी रखते हुए चीन अमरीका को भी किनारे कर हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपना अधिकार जमाता जा रहा है। पेंटागन ने बताया कि चीन की और से पैदा की गई इन परिस्थितियों का अमरीका को जवाब देना होगा। रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया कि अमरीका को वैश्विक शक्ति बने रहने के लिए अपनी पॉलिसी पर फिर से सोचने की जरूरत है। इसके साथ ही पेंटागन ने नॉर्थ कोरिया और ईरान को तानाशाही देश बताते हुए उनको भविष्य के लिए बड़ा खतरा बताया है।

एक साथ आए रूस व चीन

पेंटागन की रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि रूस और चीन मिलकर दुनिया में अपना प्रभुत्व स्थापित करना चाहते हैं। इसके साथ ही अमरीका ने जॉर्जिया, क्रीमिया और पूर्वी यूक्रेन में उपयोग में लाई जा रही तकनीक पर चिंता जाहिर की है। रिपोर्ट में बताया गया कि इस क्षेत्र में पिछले दिनों परमाणु हथियारों की बढ़ती होड़ ने मानव जीवन को खतरे में डाल दिया है। इसके साथ ही पेंटागन ने नॉर्थ कोरिया और ईरान को तानाशाही देश बताते हुए उनको भविष्य के लिए बड़ा खतरा बताया है।