
अर्ली वोटिंग में लोग बढ़चढ़कर हिस्सा ले रहे।
वाशिंगटन। अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव (US Presidential Election) में मतदान को लेकर अच्छे संकेत मिल रहे हैं। तीन नवंबर को होने वाले मतदान से पहले अर्ली वोटिंग में अब तक सात करोड़ से अधिक अमरीकी हिस्सा ले चुके हैं। यह 2016 चुनाव के कुल मतदान से अधिक है। पिछली बार पांच करोड़ 83 लाख लोगों ने मतदान किया था। ये एक रिकॉर्ड भी बन सकता है। ये दर्शाता है कि अमरीकी राष्ट्रपति और रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बिडेन के बीच कड़ा मुकाबला हो सकता है।
अर्ली वोटिंग के जरिए मतदान दर्शाता है कि लोग कोरोना वायरस का खतरा मोल नहीं लेना चाहते हैं। क्योंकि सर्दी के कारण महामारी का खतरा बढ़ता जा रहा है।
व्यापक धोखाधड़ी का शिकार
डेमोक्रेट्स मेल बैलटिंग के कारण शुरुआती मतदान में एक महत्वपूर्ण लाभ देख रहे हैं, जिसे रिपब्लिकन ने बड़ी संख्या में ऐतिहासिक रूप से कास्ट किया है लेकिन ट्रम्प द्वारा बार-बार और निराधार हमलों के बीच,जो कहते हैं कि सिस्टम व्यापक धोखाधड़ी का शिकार है।
डेमोक्रेट्स को उम्मीद है कि अर्ली वोटिंग के कारण उन्हें लाभ मिलेगा। लोग ई-मेल के जरिए उनकी पार्टी को सपोर्ट कर रहे हैं। हालांकि, हाल के हफ्तों में रिपब्लिकन ने शुरुआती, इन-पर्सन वोटिंग, डेटा शो में अंतर को कम कर दिया है।
ऐतिहासिक मतदान होगा
प्रारंभिक मतदान के उच्च स्तर के बारे में फ्लोरिडा विश्वविद्यालय के प्रोफेसर माइकल मैकडॉनल्ड का कहना है कि ये ऐतिहासिक मतदान होगा। उनका कहना है कि ये 1908 के बाद सबसे उच्चतम मतदान का दर होगा। लगभग 150 मिलियन के रिकॉर्ड स्तर पर इस चुनाव में मतदान की उम्मीद हैं।
2016 में इस अवधि में पांच करोड़ 83 लाख लोगों ने मतदान किया था। उस साल राष्ट्रपति चुनाव के लिए जो कुल मतदान हुआ था उसमें से 42 फीसदी शुरुआती मतदान था। वहीं अब तक 47 प्रतिशत मतदान हो चुका है।
Updated on:
28 Oct 2020 02:06 pm
Published on:
28 Oct 2020 01:55 pm
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