
barack obama
वाशिंगटन। अमरीका में इन दिनों यूएफाओ और एलियन से जुड़ी घटनाओं को लेकर चर्चाएं हैं कि क्या इनका अस्तित्व है या ये एक छलावा मात्र है। न्यू मैक्सिको के शहर रोजवेल में 1947 में एक यूएफओ क्रैश हुआ था। इस दौरान वहां तैनात अमरीका के पूर्व सैन्य अफसर ने एलियन देखने का दावा किया था। इस क्रैश को लेकर हाल ही में अमरीकी रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन ने कहा कि वह मलबे की जांच में जुटा हुआ है। इसी कड़ी में अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 'द लेट लेट शो विद जेम्स कॉर्डन' में कई बड़े खुलासे किए हैं।
रहस्यमयी विषयों को जानने के उत्सुक थे
ओबामा ने शो के जरिए बताया कि किस तरह वे अपने बचपन में इन विषयों को लेकर काफी उत्सुक रहा करते थे। उन्होंने बताया कि जब वे 2008 में अमरीका के राष्ट्रपति बने तो एलियंस और बाकी रहस्यमयी विषयों को जानने के लिए बहुत ज्यादा उत्साहित थे। वे उन लैब्स के बारे में जानने की कोशिश करते थे, जहां पर एलियंस और उनकी उड़न तश्तरियों को रखकर शोध किया जाता है।
ऐसी कोई लैब नहीं है
इस बात से पर्दा उठाते हुए ओबामा ने कहा कि ऐसी कोई भी लैब नहीं है, जहां पर एलियंस या कहें यूएफओ को रखा जाता है। ये सारी बातें अफवाहें थीं। हालांकि ओबामा ने इस बात को माना कि कि ऐसे कई सारे वीडियो फुटेज सामने जरूर हैं, इनमें अंतरिक्ष में यूएफओ को उड़ते देखा गया है। हमने इनका पता लगाने के लिए कई सारे शोध करे हैं, मगर इनके विषय में हमें कोई भी जानकारी नहीं मिल पाई है।
कोई जानकारी नहीं पा सके
शो में ओबामा ने कहा- "रिसर्च के बाद भी हम लोग इन यूएफओ के बारे में कोई जानकारी नहीं पा सके हैं। ये कैसे उड़ते हैं? इनका प्रक्षेपवक्र कैसा होता? ये किन चीजों से तैयार हैं? इससे जुड़ी कई जानकारी हमें अब तक नहीं पता चल सकी हैं। वहीं दूसरी तरफ अमरीकी सैन्य बेस पर ऐसी कई उड़न तश्तरियां देखने का दावा किया गया है।'' ओबामा के अनुसार "हम अब तक इन रहस्यमयी उड़न तश्तरियां या यूएफओ का कोई पैटर्न नहीं जान पाए हैं। ये तकनीक और रफ्तार के मामले में अमरीकी सेना से बहुत आगे हैं। अंत में बराक ओबामा ने कहा कि उनके पास इन गतिविधियों को लेकर कोई रिपोर्ट अभी तक नहीं है। मगर ये काफी गंभीर विषय है। इन पर जांच की आवश्यता है।''
Published on:
20 May 2021 03:55 pm
बड़ी खबरें
View Allअमरीका
विदेश
ट्रेंडिंग
