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अमरीका ने लगाए जूलियन असांजे पर 17 नए आरोप, 170 साल की हो सकती है जेल

लंदन के बेल्मार्श क्राउन जेल में बंद हैं जूलियन असांजे अमरीका ने लगाए हैं असांजे पर जासूसी के गंभीर आरोप स्वीडन की दो महिलाओं से रेप के मामले में फिर चलेगा मुकदमा

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julian assange

वाशिंगटन। अमरीका ने विकीलीक्स ( wikileaks ) के प्रकाशक जूलियन असांजे ( Julian Assange ) पर जासूसी अधिनयम के तहत 17 नए आरोप लगाए हैं। अमरीका की एक संघीय ग्रैंड जूरी ने जूलियन असांजे के खिलाफ जासूसी अधिनियम के तहत 17 अतिरिक्त आरोपों की घोषणा की है। आपको बता दें कि वर्तमान में जूलियन असांजे यूके जेल में अपने प्रत्यर्पण सुनवाई का इंतजार कर रहे हैं। अमरीका ने यूके से जूलियन असांजे को प्रत्यर्पित करने की मांग है। असांजे के खिलाफ नए आरोपों ने अमरीकी सरकारी कंप्यूटरों को हैक करने की साजिश के मूल अभियोग का विस्तार किया है।

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जूलियन असांजे पर 17 नए आरोप

अमरीका में गुरुवार को सार्वजनिक किया गया नया अभियोग 2010 में प्रकाशित विकीलीक्स के अमरीकी दस्तावेजों से संबंधित है। आरोपों में कहा गया है कि असांजे ने गलत तरीके से उन व्यक्तियों के नामों का खुलासा किया जो अमरीकी सरकार के साथ काम कर रहे थे। ऐसा करके वह उनके जीवन को खतरे में डाल रहे थे। असांजे को जासूसी अधिनियम के तहत आरोपित किया जा रहा है। अगर यह आरोप साबित हो गए तो उनको अधिकतम 170 साल की सजा हो सकती है। इसका मतलब यह हुआ कि असांजे के खिलाफ लगाए गए प्रत्येक आरोप में उन्हें 10 साल जेल की अधिकतम सजा हो सकती है।

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पत्रकार नहीं हैं जूलियन असांजे

असांजे को जासूसी की गंभीर धाराओं में मुकदमे का सामना करना पड़ सकता है। जानकारों का मानना है कि अगर वह अमरीका प्रत्यर्पित हो गए तो उन्हें अपना शेष जीवन जेल में बिताने पड़ेगा। न्याय विभाग ने एक बयान में कहा, "सुपरसीडिंग अभियोग में आरोप लगाया गया है कि असांजे अमरीकी सेना में एक पूर्व खुफिया विश्लेषक चेल्सी मैनिंग के साथ गैरकानूनी तरीके से जानकारी प्राप्त करने और उसे छापने का संगीन जुर्म कर रहे थे।" डीओजे के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रभाग के प्रमुख जॉन डेमर्स ने कहा, “अमरीकी न्याय विभाग लोकतंत्र में पत्रकारों की भूमिका को गंभीरता से लेता है और हम आपको इसके लिए धन्यवाद देते हैं। रिपोर्टिंग के लिए पत्रकारों को लक्षित करना अमरीका की नीति कभी नहीं रही है और न ही होगी। लेकिन जूलियन असांजे कोई पत्रकार नहीं हैं।"

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अमरीका, ब्रिटेन और स्वीडन के बीच 'त्रिशंकु' बने असांजे

बता दें कि असांजे ने लंदन में इक्वाडोर के दूतावास में लगभग सात साल बिताए थे। जहां उन्होंने 2012 में शरण ली थी। कहा जा रहा है कि नई इक्वाडोर सरकार की अमरीका के साथ कथित तौर पर एक समझौते के बाद असांजे की शरण रद्द कर दी गई थी और ब्रिटिश पुलिस ने उसे अप्रैल में दूतावास से अपनी हिरासत में ले लिया था। इक्वाडोर ने असांजे के सभी निजी सामानों को भी जब्त कर लिया है और कथित तौर पर उन्हें अमरीका को दे दिया जाएगा। अनुमान है कि इस बारे में असांजे केवकीलों या विकीलीक्स के कर्मचारियों के अनुरोधों को अस्वीकार कर दिया जाएगा। असांजे वर्तमान में लंदन के बेल्मार्श क्राउन जेल में है। वह इक्वाडोर में शरण मांगकर ब्रिटेन की जमानत का उल्लंघन करने के के मामले में अपनी 50 महीने की जेल की सजा काट रहे है।

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